अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट और अमेरिकी मुद्रा में रातोंरात आई तेजी के कारण मंगलवार को रुपया 12 पैसे गिरकर 88.80 (अस्थायी) के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया। फॉरेक्स कारोबारियों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की धारणा के बीच विदेशी पूंजी की निकासी ने निवेशकों की धारणा को और कमजोर किया। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप की खबरों ने रुपये को सहारा दिया और गिरावट को थाम लिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया डॉलर के मुकाबले 88.73 पर खुला और कारोबार के दौरान 88.81 के निचले स्तर और 88.73 के उच्चस्तर तक गया। अंत में यह डॉलर के मुकाबले 88.80 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव 88.68 के मुकाबले 12 पैसे की गिरावट है।
30 सितंबर के बाद एक बार फिर रिकॉर्ड लो पर
30 सितंबर को रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 88.80 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.10 प्रतिशत बढ़कर 99.36 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 2.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61.99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कुछ एक्सपर्ट के अनुसार, अमेरिका-भारत व्यापार शुल्क ही एकमात्र ऐसा मुद्दा है जो निवेशकों की भावनाओं को आहत कर रहा है।
अमेरिकी शटडाऊन का भी असर
मिराए एसेट शेयरखान के मुद्रा एवं जिंस के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश से रुपये को फायदा हो सकता है। वित्तपोषण की दिक्कतों के कारण अमेरिका में कई विभागों का कामकाज ठप होने (शटडाऊन) और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती संभावनाएं डॉलर पर और दबाव डाल सकती हैं। डॉलर-रुपये का हाजिर भाव 88.50 से 89 के बीच रहने की उम्मीद है। घरेलू व्यापक आर्थिक आंकड़ों के संदर्भ में, भारत की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति सितंबर में घटकर 1.54 प्रतिशत रह गई, जो अगस्त में 2.07 प्रतिशत थी।
थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति भी सितंबर में घटकर 0.13 प्रतिशत रह गई, जो अगस्त में 0.52 प्रतिशत थी।
सेंसेक्स 297 अंक टूटा
स्थानीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 297 अंक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी में 82 अंक का नुकसान रहा। एशिया तथा यूरोप के बाजारों में कमजोर रुख तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी के बीच घरेलू बाजार नुकसान में रहा। तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स शुरुआती लाभ को बरकरार नहीं रख पाया और अंत में 297.07 अंक की गिरावट के साथ 82,029.98 अंक पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 81.85 अंक की गिरावट के साथ 25,145.50 पर बंद हुआ।
