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डॉलर के मुकाबले रुपया टूटकर अबतक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा, अब 1 Dollar की कीमत हुई इतनी

भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील नहीं होने से रुपया पर दबाव बढ़ा है। इसके चलते रुपया लगातार टूट रहा है। विदेशी निवेाक व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता के कारण डरे हुए हैं।

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Dollar Vs Rupee (Istock)

Dollar Vs Rupee: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट थम नहीं रही है। मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले आठ पैसे गिरकर 88.18 (अस्थायी) के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। यह रुपया का अबतक का सबसे निचला स्तर है। आपको बता दें कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता को लेकर रुपया पर दबाव बना हुआ है। वहीं शेयर बाजारों में कमजोरी से भी रुपये पर दबाव बढ़ा है। सोमवार को कारोबार के दौरान रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 88.33 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया था। सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.10 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। मंगलवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.14 पर कमजोर खुला और कारोबार के दौरान 88.20 के निचले स्तर तक गया। कारोबार के अंत में यह 88.18 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से आठ पैसे कम है।

इस कारण टूट रहा रुपया

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिका के बढ़े हुए शुल्क को लेकर फैली अनिश्चितता के बीच रुपया अबतक के सबसे निचले स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है क्योंकि इसके नीचे जाने का जोखिम बना हुआ है। इसके अलावा, घरेलू शेयर बाजारों से लगातार विदेशी पूंजी की निकासी या डॉलर की मजबूती आगे भी रुपये की कमजोरी को बढ़ा सकती है। इस बीच, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत अमेरिका के साथ एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत कर रहा है। दोनों देश मार्च से ही इस पर वार्ता कर रहे हैं और अब तक पांच दौर हो चुके हैं। अभी तक छठे दौर की वार्ता के लिए कोई नई तारीख तय नहीं हुई है।

अभी और टूट सकता है रुपया

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक (मुद्रा एवं जिंस) अनुज चौधरी ने कहा कि हमारा अनुमान है कि रुपया थोड़ा नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा क्योंकि व्यापार शुल्क को लेकर अनिश्चितता और कमजोर घरेलू बाजार स्थानीय मुद्रा पर दबाव डाल सकते हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भी घरेलू मुद्रा पर दबाव पड़ सकता है। मुद्रा कारोबारी अमेरिका के विनिर्माण पीएमआई आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं। चौधरी ने कहा कि इस हफ्ते अमेरिका से आने वाली गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट से पहले निवेशक सतर्क रह सकते हैं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.80 प्रतिशत बढ़कर 69.38 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 206.61 अंक गिरकर 80,157.88 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 45.45 अंक गिरकर 24,579.60 अंक पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 1,429.71 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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