Panchak August 2026: आज 27 अगस्त 2026, गुरुवार की दोपहर 1 बजकर 35 मिनट से पंचक की शुरुआत हो गई है। यह पंचक 1 सितंबर 2026 की सुबह 3 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। खास बात यह है कि पंचक के बीच ही 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। गुरुवार से शुरू होने के कारण इस पंचक को दोषरहित पंचक माना जा रहा है।
ज्योतिष के अनुसार पंचक उस अवधि को कहा जाता है, जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि से गुजरते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों में गोचर करते हैं। इन पांच नक्षत्रों के कारण इस अवधि को पंचक कहा जाता है। इस बार चंद्रमा के कुंभ राशि में प्रवेश के साथ आज दोपहर से पंचक शुरू हुआ है।
नहीं माना जाएगा दोषपूर्ण
पंचक के पांच प्रकारों का उल्लेख ज्योतिषीय परंपरा में मिलता है। रविवार से शुरू होने वाला रोग पंचक, सोमवार का राज पंचक, मंगलवार का अग्नि पंचक, शुक्रवार का चोर पंचक और शनिवार से शुरू होने वाला मृत्यु पंचक कहलाता है। बुधवार, गुरुवार से शुरू होने वाले पंचक को इन पांच श्रेणियों में नहीं रखा जाता। इसी वजह से 27 अगस्त से शुरू होने वाले पंचक को दोषरहित पंचक माना जा रहा है। इस पंचक को लेकर मृत्यु पंचक जैसी स्थिति नहीं है।
कब तक रहेगा पंचक
27 अगस्त को दोपहर 1:35 बजे पंचक शुरू हुआ है। चंद्रमा 29 अगस्त की रात मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 1 सितंबर की सुबह 3:24 बजे मेष राशि में प्रवेश के साथ पंचक समाप्त हो जाएगा।
पंचक शुरू: 27 अगस्त, दोपहर 1:35 बजे
पंचक समाप्त: 1 सितंबर, सुबह 3:24 बजे
अवधि: करीब 4 दिन 14 घंटे
पंचक का प्रकार: गुरुवार से शुरू होने के कारण दोषरहित पंचक
पंचक के बीच है रक्षाबंधन
28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन श्रावण पूर्णिमा रहेगी और पंचक भी जारी रहेगा। पंचक के कारण रक्षाबंधन का पर्व नहीं रुकेगा। रक्षाबंधन के लिए भद्रा का विचार किया जाता है। इस साल भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी। दिल्ली के अनुसार 28 अगस्त को राखी बांधने का समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। रक्षाबंधन के दिन पंचक होने के कारण राखी बांधने पर कोई सामान्य रोक नहीं मानी जाती है। बहनें शुभ मुहूर्त में भाइयों को राखी बांध सकती हैं।
पंचक में इन 5 कामों को करने से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान कुछ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। इनमें खास तौर पर निर्माण और लकड़ी से जुड़े काम शामिल हैं।
1. लकड़ी खरीदने या जमा करने से बचें
पंचक के दौरान लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करने और खरीदने से बचने की परंपरा है। इस अवधि में ऐसा काम टालना शुभ माना जाता है।
2. घर की छत का काम न कराएं
पंचक के दौरान घर की छत डलवाने या छत से जुड़ा नया निर्माण शुरू करने से बचने की मान्यता है। ऐसे काम पंचक समाप्त होने के बाद करना शुभ माना जाता है।
3. पलंग या चारपाई न बनवाएं
पंचक के पांच दिनों में पलंग, चारपाई या इसी तरह के फर्नीचर को बनवाने या खरीदने से बचने की परंपरा है।
4. दक्षिण दिशा की यात्रा टालें
पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा को लेकर भी सावधानी बरतने की मान्यता है। जरूरी न हो तो इस दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा टालना बेहतर माना जाता है।
5. अंतिम संस्कार में पंचक शांति कराएं
पंचक में मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार से जुड़े विशेष नियम बताए गए हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार पंचक दोष की शांति के लिए विशेष विधि कराई जाती है। इसे लेकर परिवार अपनी परंपरा और स्थानीय पंडित के निर्देश के अनुसार कर्मकांड कर सकता है।
पंचक में कौन से काम कर सकते हैं
पंचक के दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप, ध्यान, दान और धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकते हैं। भगवान शिव, विष्णु, हनुमान जी या अपने इष्ट देव की आराधना करना शुभ माना जाता है। रक्षाबंधन के कारण इस बार पंचक के दौरान घर-परिवार में धार्मिक गतिविधियां भी रहेंगी। भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और सौहार्द बनाए रखने के लिए पूजा-पाठ और दान-पुण्य किया जा सकता है।
पंचक में क्या दान करना होता है शुभ
इन दिनों जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र, फल या अपनी सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहायता देना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता में दान को पंचक के दौरान किए जाने वाले सकारात्मक कार्यों में शामिल किया गया है। रक्षाबंधन के दिन भी जरूरतमंद लोगों को भोजन कराने और वस्त्र या अन्य उपयोगी सामान का दान करने से पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
