RILAGM 2025 Live: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के सीएमडी मुकेश अंबानी अपनी 48वीं एनुअल जनरल बैठक (AGM) में 44 लाख शेयरधारकों को संबोधित कर रहे हैं। मुकेश अंबानी ने कहा कि दुनिया इस समय अनिश्चितताओं से घिरी है, लेकिन इंसानियत 21वीं सदी के एक सुनहरे दौर की दहलीज पर खड़ी है। AI, क्लीन एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी की मिलकर हुई तरक्की ने ये सब मुमकिन बनाया है। AI को अब कामधेनु कहा जा सकता है, जो हर क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रही है। मुकेश अंबानी ने ऐलान किया है कि वो जियो का लाने आईपीओ लेकर आएंगे। जियो का IPO अगले साल की पहली छमाही में आएगा। मुकेश अंबानी ने कहा, जियो अब 50 करोड़ लोगों का परिवार हो गया है। जियो ने देशभर में फ्री वॉयस कॉलिंग की शुरुआत कर मोबाइल की दुनिया की तस्वीर बदल दी। जियो ने आधार और UPI जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए मजबूत नींव तैयार की।
मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो की साहसिक डीप-टेक पहल ने भारत में टेक्नोलॉजी क्रांति को जन्म दिया और यह हमारे प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया मिशन की रीढ़ बनी। जियो की सिर्फ पांच बड़ी उपलब्धियां, जो पहले अकल्पनीय थीं:
- जियो ने पूरे भारत में कहीं से भी, कहीं पर भी वॉइस कॉल को मुफ्त कर दिया।
- जियो ने आम भारतीय को मोबाइल पर वीडियो देखने और डिजिटल पेमेंट करने की आदत डलवाई।
- जियो ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे आधार, UPI, जनधन, DBT) की नींव रखी और एक आत्मविश्वासी नई पीढ़ी को सशक्त बनाया।
- जियो ने भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाया, जिसमें 100 से अधिक यूनिकॉर्न शामिल हैं।
- जियो का देशव्यापी 5G रोलआउट दुनिया का सबसे तेज़ है, जिसने भारत में AI क्रांति की नींव रखी।
मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो का वित्तीय प्रदर्शन हर साल नई ऊंचाइयों पर पहुँच रहा है। FY-25 में जियो की आय ₹1,28,218 करोड़ (15 अरब डॉलर) रही, जो सालाना 17% की वृद्धि है। EBITDA ₹64,170 करोड़ (7.5 अरब डॉलर) रहा। ये आँकड़े बताते हैं कि जियो अब तक अपार मूल्य बना चुका है और आगे और भी बड़ा मूल्य बनाएगा।
जियो का टारगेट
हर भारतीय को मोबाइल और होम ब्रॉडबैंड से जोड़ना।
हर घर को डिजिटल सेवाओं से लैस करना – जैसे Jio Smart Home, JioTV+, Jio TV OS और स्मार्ट ऑटोमेशन।
हर भारतीय बिज़नेस और एंटरप्राइज को सरल, स्केलेबल और सुरक्षित प्लेटफ़ॉर्म से डिजिटल बनाना।
भारत में AI क्रांति का नेतृत्व करना – AI Everywhere for Everyone हमारा मंत्र है।
भारत से बाहर जाकर जियो की तकनीक को पूरी दुनिया तक पहुंचाना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की जीडीपी सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे तेज गति से बढ़ रही है। भारत को किसी विदेशी मॉडल की नकल करने की जरूरत नहीं है।
जियो 10वें साल में प्रवेश कर गया है। मुकेश अंबानी ने कहा कि मैंने लोगों को कहते हुए सुना है कि जियो ने मेरी जिंदगी बदल दी। उन्होंने जियो की सफलता को लेकर एक वीडियो भी दिखाया।
जियो ने डेटा प्राइस बढ़ने से रोका। जियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को सफल बनाने में अपना बड़ा योगदान। जियो ने वाइस कॉल को बिल्कुल फ्री किया। जियो ने दुनिया के तीसरे बड़े थर्ड स्टार्टअप सिस्टम को सफल बनाया।
एजीएम की अभी तक की बड़ी बातें
- रिलायंस जियो 2026 की पहली छमाही में बाजार में सूचीबद्ध होगी : मुकेश अंबानी
- रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ के पार पहुंच गई है: मुकेश अंबानी
- रिलायंस ने पिछले तीन वर्ष में 5.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया। वार्षिक राजस्व के मामले में 125 अरब डॉलर का आंकड़ा पार करने वाली भारत की पहली कंपनी बनी: मुकेश अंबानी
- हम दुनिया के सबसे उन्नत स्वच्छ ऊर्जा परिवेश का निर्माण कर रहे हैं। साथ ही एआई को नए विकास इंजन के रूप में विकसित कर रहे हैं : रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में मुकेश अंबानी ने कहा ।
जियो भारत के बाहर भी विस्तार करेगा: आकाश अंबानी
रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा कि आने वाले वक्त में Jio सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अब उसकी इनोवेटिव टेक्नोलॉजी को दुनियाभर में लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने बताया कि Jio के पास साफ प्लान और मजबूत पार्टनरशिप्स हैं, जिनके जरिए कंपनी ग्लोबल लेवल पर अपना विस्तार करेगी।
डिजिटल ट्विन सिस्टम
आज जियो भारत का एकमात्र ऐसा ऑपरेटर है जो पूरे देश में सिर्फ 24 घंटे के भीतर गीगाबिट स्पीड इंटरनेट एक्टिवेट कर सकता है। पहले ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगवाने के लिए – चाहे बड़े शहर ही क्यों न हों – लंबा इंतज़ार करना पड़ता था, बार-बार साइट विज़िट होती थी और इंस्टॉलेशन शुरू होने में ही कई दिन लग जाते थे। यह घरों और छोटे बिज़नेस के लिए बेहद निराशाजनक था, जिन्हें बस कनेक्ट होना था।
जियो AI क्लाउड
पिछले साल AGM में जि AI क्लाउड लॉन्च किया गया था जिसमें हर जियो यूज़र को 100GB तक फ्री क्लाउड स्टोरेज मिला। आज 4 करोड़ से ज्यादा भारतीयों ने जियो AI क्लाउड पर भरोसा किया है और अपनी कीमती तस्वीरें, फाइलें और वीडियो सुरक्षित रखे हैं।
आज हम जियो AI क्लाउड का अगला संस्करण पेश कर रहे हैं। यह अब सिर्फ स्टोरेज नहीं, बल्कि आपका AI-पावर्ड मेमोरी साथी है।
आप बस अपनी भाषा में बोलकर अपनी यादों को खोज और जी सकते हैं। उदाहरण के लिए: Hello Jio, मुझे पिछले साल गणपति विसर्जन की फोटोज दिखाओ और जियो AI क्लाउड तुरंत आपकी पूरी लाइब्रेरी से वे तस्वीरें ढूंढकर सामने ला देगा।
जियो PC
कनेक्टिविटी से आगे बढ़ते हुए, जियो का विज़न है हर घर और हर बिज़नेस को एडवांस डिजिटल सेवाओं से सशक्त बनाना। आज हमारी दुनिया AI से बदल रही है। लेकिन अगर AI को सच में समावेशी बनाना है, तो यह हर भारतीय घर और बिज़नेस तक पहुंचना चाहिए। जियो PC वही क्रांतिकारी उत्पाद है, जो आपके TV या किसी भी स्क्रीन को फुल-फ़ीचर, AI-रेडी कंप्यूटर में बदल देता है। आपको बस अपने जियो सेट-टॉप बॉक्स में कीबोर्ड जोड़ना है और तुरंत आपको जियो के क्लाउड से एक वर्चुअल कंप्यूटर मिल जाएगा।
भारत एक असाधारण एआई क्रांति की दहलीज पर: सुंदर पिचाई, सीईओ, गूगल
गूगल के सीईओ, सुंदर पिचाई ने कहा कि भारत एक असाधारण एआई क्रांति की दहलीज़ पर खड़ा है। गूगल के लिए भारत हमेशा खास रहा है – नवाचार, उद्यमिता और रचनात्मकता की भूमि। पिछले दशक में, हमारी रिलायंस और जियो के साथ साझेदारी ने करोड़ों लोगों तक सस्ती इंटरनेट सेवाएँ पहुँचाई और भारत की डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन यात्रा को गति दी। आज, हम मिलकर एआई के साथ अगली बड़ी छलांग ले रहे हैं। जमनगर क्लाउड रीजन की स्थापना – जो रिलायंस की स्वच्छ ऊर्जा और जियो के उन्नत नेटवर्क से संचालित होगी – भारत को विश्व-स्तरीय एआई इंफ़्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगी और रिलायंस के साथ-साथ देश भर के व्यवसायों और लोगों को सशक्त बनाएगी।”
मेटा के सीईओ, मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि “मेटा में हमारा विश्वास है कि एआई व्यक्तिगत सशक्तिकरण का नया युग ला सकता है। हमारे ओपन-सोर्स एआई मॉडल ‘Llama’ ने दिखाया है कि एआई किस तरह रचनात्मकता को प्रेरित कर सकता है, उत्पादकता बढ़ा सकता है और नवाचार को गति दे सकता है। रिलायंस के साथ इस साझेदारी के ज़रिए हम इन क्षमताओं को भारत के हर कोने तक ले जा रहे हैं – दूर-दराज़ के कस्बों में छोटे स्टार्टअप से लेकर बड़े शहरों के उद्योगों तक। साथ मिलकर हम सुनिश्चित करेंगे कि हर उद्यमी, हर क्रिएटर और हर व्यवसाय को सफल होने के लिए ज़रूरी एआई टूल्स मिलें। यह तो सिर्फ़ शुरुआत है – भारत के एआई-समर्थ भविष्य की।” –
जामनगर में विशेष क्लाउड जोन बनाएगा रिलायंस
मुकेश अंबानी ने एआई के लिए गूगल, मेटा के साथ नई साझेदारी की घोषणा की। गूगल क्लाउड (Google Cloud) और रिलायंस मिलकर जामनगर में विशेष क्लाउड रीजन स्थापित करेंगे, जो पूरी तरह AI और कंप्यूटिंग को सपोर्ट करेगा। इससे रिलायंस के रिटेल, टेलीकॉम, एनर्जी और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे बिजनेस में AI की मदद से बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं, मेटा (Meta) के साथ रिलायंस एक जॉइंट वेंचर बना रही है, जिसमें ओपन-सोर्स AI मॉडल Llama को भारतीय व्यवसायों तक पहुंचाया जाएगा। इससे छोटे स्टार्टअप से लेकर बड़ी कंपनियों तक, सभी अपनी जरूरत के अनुसार AI तकनीक का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह साझेदारी भारत के उद्यमियों, किसानों, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र तक AI को सुलभ और सुरक्षित बनाएगी।
