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RBI ने जारी किया Alert, बैंक अकाउंट किराए पर देना पड़ेगा भारी

क्या आप भी चंद रुपयों के लालच में अपना बैंक अकाउंट दूसरों को इस्तेमाल करने देते हैं? सावधान! अनजाने में 'मनी म्यूल' (अवैध धन वाहक) बनने की यह गलती आपको सीधे जेल पहुंचा सकती है। जानिए बैंक खाता किराए पर देने का पूरा सच।

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RBI

आजकल के डिजिटल दौर में जहां एक तरफ बैंकिंग बेहद आसान हो गई है, वहीं दूसरी तरफ साइबर अपराधी (Cyber Criminals) लोगों को ठगने के नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं। इन दिनों सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर एक नया ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें लोगों को घर बैठे आसानी से मोटी कमाई करने का लालच दिया जाता है। इस झांसे में आकर कई लोग अनजाने में एक बहुत बड़े अपराध का हिस्सा बन जाते हैं, जिसे वित्तीय और कानूनी भाषा में 'मनी म्यूल' (Money Mule) या 'अवैध धन वाहक' बनना कहा जाता है। जब आप किसी दूसरे व्यक्ति के अवैध या काले धन को अपने बैंक खाते के जरिए कहीं और ट्रांसफर करते हैं, तो आप एक अवैध धन वाहक बन जाते हैं। अपराधी आपके खाते का इस्तेमाल पुलिस और जांच एजेंसियों से बचने के लिए एक ढाल के रूप में करते हैं।

कैसे होती है ये ठगी?

आमतौर पर यह ठगी एक बहुत ही लुभावने ऑफर से शुरू होती है। जालसाज आपको पार्ट-टाइम जॉब, कमीशन आधारित काम या सिर्फ अपना बैंक अकाउंट कुछ दिनों के लिए 'किराए' पर देने के बदले हर महीने या हर ट्रांजैक्शन पर हजारों रुपये देने का प्रलोभन देते हैं। कई बार छात्रों, बेरोजगार युवाओं और सीधे-सादे लोगों को निशाना बनाया जाता है, जिन्हें लगता है कि सिर्फ किसी का पैसा अपने खाते में मंगाकर आगे भेजने में क्या बुराई है। लेकिन सच तो यह है कि वह पैसा किसी साइबर फ्रॉड, ड्रग्स, या देश विरोधी गतिविधियों से कमाया गया काला धन होता है। जैसे ही आप उस पैसे को अपने अकाउंट में स्वीकार करते हैं, कानूनी रूप से आप उस अवैध कमाई को छिपाने और उसे सफेद करने (Money Laundering) के दोषी बन जाते हैं।

क्या कहता है RBI का नियम?

इस पूरे खेल में सबसे बड़ी समझने वाली बात यह है कि आपका बैंक खाता पूरी तरह से आपकी निजी संपत्ति और जिम्मेदारी है। कानून की नजर में 'आपका बैंक खाता = आपका धन'। इसका मतलब यह है कि आपके खाते से होने वाले हर एक रुपये के लेन-देन के लिए सिर्फ और सिर्फ आप ही जिम्मेदार हैं। अगर पुलिस या साइबर सेल किसी ऑनलाइन धोखाधड़ी की जांच करते हुए आपके खाते तक पहुंचती है, तो वे सबसे पहले खाताधारक को ही गिरफ्तार करते हैं। आप जांच एजेंसियों के सामने यह बहाना नहीं बना सकते कि आपको इस बात की जानकारी नहीं थी कि पैसा कहां से आया है। किसी अन्य व्यक्ति को धन भेजने या प्राप्त करने के लिए अपने बैंक खाते का प्रयोग करने की अनुमति देने का सीधा नतीजा भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकता है।

इस गंभीर धोखाधड़ी और कानूनी पचड़े से बचने के लिए कुछ बेहद जरूरी सावधानियों का पालन करना हर बैंक खाताधारक के लिए अनिवार्य है। सबसे पहली बात, किसी भी अनजान व्यक्ति या सोशल मीडिया पर मिले तथाकथित एम्प्लॉयर के कहने पर अपने बैंक खाते में कोई भी पैसा न मंगाएं। दूसरी बात, कभी भी अपने बैंक खाते से संबंधित गोपनीय विवरण जैसे नेट बैंकिंग का यूजरनेम, पासवर्ड, एटीएम पिन या मोबाइल पर आने वाला ओटीपी (OTP) किसी के साथ साझा न करें। डिजिटल युग में ये जानकारियां आपकी तिजोरी की चाबी की तरह हैं, जिन्हें शेयर करने का मतलब है अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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