बिजनेस

शीर्ष से 10% फिसला Reliance Share Price, एनालिस्ट बोले गिरावट न कहो, ये खरीदने का मौका

Trump Tariff और रूसी तेल की लड़ाई में फंसी Reliance Industries के शेयरों में इसके शीर्ष की तुलना में करीब 10 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। हालांकि, ज्यादातर एनालिस्ट निवेशकों को राय दे रहे हैं कि रिलायंस की इस गिरावट को खरीदारी के मौके की तरह देखा जाना चाहिए, क्योंकि इस साल रिलायंस में वैल्यू अनलॉकिंग के कई इवेंट देखने को मिल सकत हैं।

RIL Stock buy

इमेज क्रेडिट कैन्वा/RIL

Trump Tariff और रूस-यूक्रेन से जुड़ी कच्चे तेल की जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच Reliance Industries Ltd के शेयर अपने हालिया शीर्ष से करीब 10 फीसदी फिसल चुके हैं। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रिलायंस का शेयर 1.03 फीसदी टूटकर 1,492 रुपये तक आ गया, हालांकि बाद में इसमें हल्की रिकवरी देखने को मिली और यह करीब 0.83 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया। Trump Tariff और रूसी तेल की अनिश्चितता के बीच Reliance Industries के शेयर दबाव में जरूर हैं, लेकिन बाजार के जानकार इसे कमजोरी नहीं बल्कि स्ट्रैटेजिक एंट्री पॉइंट मान रहे हैं।

1500 के नीचे फिसला शेयर

सेशन के दौरान रिलायंस में 28.69 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जिसकी वैल्यू करीब 428.41 करोड़ रुपये रही। यह दिखाता है कि गिरावट के बावजूद स्टॉक में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। कंपनी का कुल मार्केट कैप अब भी करीब 20.68 लाख करोड़ रुपये है, जबकि फ्री-फ्लोट मार्केट कैप 10.01 लाख करोड़ रुपये के आसपास बना हुआ है।

कहानी अभी खत्म नहीं

Nifty 50 का सबसे भारी-भरकम स्टॉक होने के बावजूद रिलायंस का हालिया परफॉर्मेंस सुस्त रहा है। बीते पांच ट्रेडिंग सेशंस में शेयर करीब 6 फीसदी टूटा है। एक महीने में 3.31 फीसदी, छह महीने में 2.97 फीसदी और साल 2026 की शुरुआत से अब तक इसमें 6 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई है। वहीं, अपने शीर्ष 1,611.80 से करीब 10 फीसदी टूट चुका है। लॉन्ग टर्म में भी तस्वीर थोड़ी फीकी दिखती है। पिछले तीन साल में रिलायंस ने करीब 17.54 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि इसी अवधि में Nifty 50 करीब 45.95 फीसदी चढ़ चुका है।

क्या है एनालिस्ट की राय?

Motilal Oswal Financial Services की वेल्थ मैनेजमेंट टीम में वीपी-रिसर्च स्नेहा पोद्दार का मानना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस को लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक इस साल कंपनी में कई बड़े ट्रिगर्स देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि Reliance Jio IPO की संभावनाएं मजबूत हैं और कंपनी जल्द ही DRHP फाइल कर सकती है। इसके अलावा रिटेल बिजनेस में सुस्ती के बाद अब रिकवरी साफ दिख रही है। न्यू एनर्जी सेगमेंट में किए गए निवेश आने वाले वर्षों में धीरे-धीरे वैल्यू क्रिएट करेंगे, जैसे-जैसे कंपनी इस बिजनेस पर ज्यादा क्लैरिटी देगी, वैसे-वैसे एनालिस्ट इसमें ज्यादा वैल्यू असाइन करेंगे।

मुनाफा और EBITDA में दम

वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में रिलायंस का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 15.9 फीसदी सालाना बढ़कर 22,146 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 19,101 करोड़ रुपये था। कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 9.9 फीसदी YoY बढ़कर 2,83,548 करोड़ रुपये पहुंच गई, जिसमें कंज्यूमर बिजनेस का बड़ा योगदान रहा। EBITDA 14.6 फीसदी की ग्रोथ के साथ 50,367 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 80 बेसिस प्वाइंट सुधरकर 17.8 फीसदी पर पहुंच गया।

टेक्निकल और वैल्यूएशन का संकेत

गुरुवार को रिलायंस का शेयर 1,470.70 रुपये पर बंद हुआ। इसका 52-वीक हाई 1,611.80 रुपये और लो 1,114.85 रुपये है। मौजूदा P/E करीब 23.95 है, जो ऐतिहासिक स्तरों की तुलना में बहुत महंगा नहीं माना जा रहा। बाजार की राय यही है कि जब तक बड़े वैल्यू अनलॉकिंग इवेंट्स सामने आते हैं, तब तक इस तरह की गिरावटें लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए मौका बन सकती हैं।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। बिज़नेस (Business News) अपडेट और आज का सोने का भाव (Gold Rate Today), आज की चांदी का रेट (Silver Rate Today) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

यतींद्र लवानिया
यतींद्र लवानिया author

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों... और देखें

End of Article