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अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए RBI ने उठाए कई कदम, जानिए बड़ी बातें क्या-क्या हैं

Monetary Policy Review Highlights: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की अर्थव्यवस्था की गति को बढ़ाने के लिए रेपो रेट को 0.5 प्रतिशत घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है। द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कई बड़ी बातें बताईं। यहां जानिए मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातें क्या-क्या हैं।

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आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी।

Monetary Policy Review Highlights : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार (06 जून 2025) को घरेलू अर्थव्यवस्था को गति देने के मकसद से प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.5 प्रतिशत घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए कहा कि वैश्विक स्थिति नाजुक, विभिन्न देशों में आर्थिक परिदृश्य कमजोर बना हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता के बीच केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है। साथ ही जानिए उन्होंने और क्या-क्या कहा।

मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातें (Monetary Policy Review Highlights)

  1. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कमजोर आर्थिक परिदृश्य के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
  2. आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.50 प्रतिशत घटाकर 5.50 प्रतिशत किया।
  3. आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था निवेशकों के लिए अपार अवसर प्रदान करती है।
  4. आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 4 प्रतिशत से घटाकर 3.7 प्रतिशत किया गया।
  5. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि काफी तेजी से रेपो रेट में 1 प्रतिशत की कटौती के बाद अब मौद्रिक नीति में वृद्धि को समर्थन देने के लिए सीमित गुंजाइश।
  6. आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा, भू-राजनीतिक तनाव एवं मौसम संबंधी अनिश्चितताएं बाधाएं उत्पन्न कर सकती हैं।
  7. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अब एमपीसी भविष्य की नीति तैयार करने के लिए आय के आंकड़ों और उभरते परिदृश्य का सावधानीपूर्वक आकलन करेगी।
  8. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में चालू खाते का घाटा (कैड) कम रहा; 2025-26 में भी प्रबंधन के स्तर पर बना रहेगा।
  9. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार 691.5 अरब अमेरिकी डॉलर पर, 11 महीने से अधिक की आयात जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त। बाह्य क्षेत्र मजबूत बना हुआ है।
  10. गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में गिरावट के बावजूद भारत आकर्षक गंतव्य बना हुआ है।
  11. आरबीआई ने नकद आरक्षित अनुपात (CRR) 1 प्रतिशत घटाने की घोषणा की, इससे बैंकों के पास 2.5 लाख करोड़ रुपये की नकदी बढ़ेगी।
  12. आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति का मानना है कि ब्याज दर में कटौती से आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
  13. गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार उम्मीद के अनुरूप।
  14. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि नकदी के ‘संतोषजनक’ स्तर पर होने से बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर का लाभ तेजी से दे सकेंगे।

रेपो वह ब्याज दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं। आरबीआई मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिये इस दर का उपयोग करता है। रेपो दर में कमी करने का मतलब है कि मकान समेत विभिन्न कर्जों पर मासिक किस्त (ईएमआई) में कमी आ सकती है। उल्लेखनीय है कि आरबीआई ने इससे पहले इस साल फरवरी और अप्रैल की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में 0.25-0.25 प्रतिशत की कटौती की थी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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