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केंद्रीय मंत्री का बड़ा एलान, इस तारीख तक आपके PF अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा FY 2025-26 का ब्याज

EPFO वित्त वर्ष 2025-26 का 8.25% ब्याज अगले 2-3 दिनों में खातों में क्रेडिट करना शुरू कर देगा। नए CITES सिस्टम की वजह से 15 जुलाई तक करीब 34 करोड़ सब्सक्राइबर्स के खाते में ₹1.44 लाख करोड़ ट्रांसफर हो जाएंगे।

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EPFO

देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने ईपीएफओ (EPFO) खाताधारकों के लिए एक बड़ा अपडेट देते हुए बताया है कि प्रोविडेंट फंड (PF) पर मिलने वाला वार्षिक ब्याज अगले 2-3 दिनों के भीतर खातों में मिलना शुरू हो जाएगा। इस बार की सबसे खास बात यह है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के इतिहास में पहली बार वित्त वर्ष 2025-26 का ब्याज एक नए 'सेंट्रलाइज्ड ऑटो प्रोसेस' के जरिए सीधे खातों में भेजा जाएगा।

34 करोड़ अकाउंट में डाले गए 1.44 लाख करोड़

इस नई और बेहद आधुनिक व्यवस्था के चलते आगामी 15 जुलाई तक देश के करीब 34 करोड़ ईपीएफओ खाताधारकों के खातों में कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ऑटो-क्रेडिट कर दी जाएगी। इससे पहले तक ब्याज का यह पैसा मिलने में लंबा वक्त लगता था और नौकरीपेशा लोगों को अक्टूबर-नवंबर तक का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब यह इंतजार पूरी तरह खत्म हो गया है।

कितना दिया गया ब्याज

श्रम मंत्रालय की हरी झंडी मिलने के बाद ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ जमा पर 8.25% की ब्याज दर को आधिकारिक मंजूरी दी है, और यह लगातार तीसरा साल है जब ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। इस पूरे सिस्टम को अपग्रेड करते हुए संगठन ने 'EPFO 3.0' के तहत नया डिजिटल और फास्ट-टेक इकोसिस्टम अपनाया है। इस नए सेंट्रलाइज्ड ऑटो-प्रोसेस के आने से खाताधारकों को कई बड़े फायदे मिलने जा रहे हैं। सबसे पहला फायदा यह है कि नए और अपग्रेडेड सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस के कारण अब पीएफ के ब्याज की कैलकुलेशन पलक झपकते ही हो जाएगी और पैसा सीधे सदस्यों के खातों में पहुंच जाएगा।

दूसरा बड़ा फायदा 'ऑटो-सेटलमेंट और ऑटो-transfer' का है, जिसके तहत यदि कोई कर्मचारी अपनी नौकरी बदलता है या फाइनल विड्रॉल (अंतिम निकासी) करना चाहता है, तो यह सिस्टम बिना किसी इंसानी दखल के तुरंत काम पूरा कर देगा। इसके अलावा, ब्याज का हिसाब-किताब हर महीने के क्लोजिंग बैलेंस के आधार पर पूरी तरह स्वचालित और पारदर्शी तरीके से होगा, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं बचेगी।

वन स्टॉप सोल्यूशन

इस नई व्यवस्था में खाताधारकों को 'वन-स्टॉप समाधान' और अतिरिक्त ब्याज का डबल फायदा भी मिलने जा रहा है। अब सदस्यों को अलग-अलग सिस्टम के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे; वे सिर्फ एक 'यूनिफाइड मेंबर पोर्टल' (Unified Member Portal) पर लॉगिन करके अपना पीएफ बैलेंस, मेंबरशिप डिटेल्स, क्लेम स्टेटस, पेंशन योग्य सर्विस रिकॉर्ड्स और अब तक मिले लाभों की पूरी जानकारी घर बैठे मिनटों में देख सकते हैं।

इसके साथ ही, अब अंतिम पीएफ निकासी करते समय भुगतान की मंजूरी (अप्रूवल) मिलने की तारीख तक का पूरा ब्याज जोड़ा जाएगा, जबकि पहले ब्याज केवल पिछले महीने के आखिरी दिन तक ही मिलता था। इतना ही नहीं, क्लेम फॉर्म भरते समय सिस्टम सदस्य को खुद ही बता देगा कि वह अपनी श्रेणी के हिसाब से अधिकतम कितनी राशि निकाल सकता है, और यदि मांगी गई रकम तय सीमा से अधिक होगी, तो सिस्टम तुरंत चेतावनी (वार्निंग) भी जारी कर देगा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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