HDFC Bank के पार्ट-टाइम चेयरमैन के इस्तीफे से उठे गवर्नेंस सवालों के बीच RBI ने बड़ा बयान जारी कर निवेशकों की चिंता कम करने की कोशिश की है। केंद्रीय बैंक ने साफ कहा है कि बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत है और किसी तरह की गंभीर अनियमितता सामने नहीं आई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 19 मार्च को जारी बयान में कहा कि HDFC Bank की गवर्नेंस और संचालन को लेकर उसके रिकॉर्ड में चिंता का कोई ठोस कारण नहीं है। RBI के मुताबिक HDFC एक डोमेस्टिक सिस्टेमेटिकली इम्पोर्टेंट बैंक(D-SIB) है, जिसकी फाइनेंशियल स्थिति मजबूत बनी हुई है और लिक्विडिटी भी पर्याप्त है।
ट्रांजिशन प्लान को मिली मंजूरी
इसके साथ ही RBI ने अपने स्टेटमेंट यह भी साफ कर दिया है कि HDFC बैंक की तरफ से पेश किए गए पार्ट-टाइम चेयरमैन के ट्रांजिशन अरेंजमेंट को मंजूरी दे दी गई है। यानी मैनेजमेंट में बदलाव के बावजूद रेगुलेटर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बदलाव एक नियंत्रित प्रक्रिया के तहत हो रहा है।

HDFC बैंक पर रिजर्व बैंक का बयान
मैनेजमेंट पर जताया भरोसा
RBI ने HDFC Bank के पेशेवर बोर्ड और सक्षम प्रबंधन पर पर भरोसा जताया है। रिजर्व बैंक का यह भरोसा साफ संकेत देता है कि मौजूदा विवाद को RBI सिस्टमेटिक रिस्क के रूप में नहीं देख रहा, बल्कि इसे एक गवर्नेंस से जुड़ा रेगुलर इवेंट मान रहा है।
RBI रखेगा करीबी नजर
इसके साथ ही RBI ने कहा है कि वह आगे भी बैंक के बोर्ड और मैनेजमेंट के साथ लगातार संवाद बनाए रखेगा। इसका मतलब है कि रेगुलेटर स्थिति को लेकर सतर्क है, लेकिन फिलहाल किसी तरह की दखल की जरूरत नहीं मान रहा।
मार्केट के लिए क्या संकेत?
RBI का यह बयान निवेशकों के लिए बड़ा “confidence booster” है। चेयरमैन के इस्तीफे से जो गवर्नेंस प्रीमियम बढ़ने की आशंका थी, उस पर फिलहाल ब्रेक लग सकता है। हालांकि, बाजार की नजर अब इस पर रहेगी कि बैंक आगे गवर्नेंस को लेकर कौन से ठोस कदम उठाता है।
