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RBI सरकार को करेगी मालामाल! 3 लाख करोड़ का रिकॉर्ड डिविडेंड देने की तैयारी : रिपोर्ट

RBI इस सप्ताह केंद्र सरकार को बड़ा तोहफा देने जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक रिजर्व बैंक की तरफ से सरकार को रिकॉर्ड 3 लाख करोड़ का डिविडेंड दिया जा सकता है। इससे सरकार को बड़ी राहत मिलेगी।

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सरकार को मिलेगी मोटी रकम

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस सप्ताह केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 3 लाख करोड़ रुपये (करीब 31.2 अरब डॉलर) का डिविडेंड दे सकता है। Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक RBI की तरफ से केंद्र को यह अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड होगा। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष की वजह से भारत को ईंधन आयात पर बेहिसाब पैसा खर्च करना पड़ रहा है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ा रहा है। इन हालात में RBI की तरफ से 3 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड सरकार को बड़ी राहत देने वाला साबित होगा।

शुक्रवार को हो सकता है ऐलान

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में मामले से जुड़े लोगों के हवाले से दावा किया गया है कि RBI का बोर्ड शुक्रवार को डिविडेंड को मंजूरी देने के लिए मीटिंग करेगा। हालांकि, इस संबंध में रिजर्व बैंक ने कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। लेकिन, ब्लूमबर्ग ने 12 इकोनॉमिस्ट के सर्वे के आधार पर बताया है कि रिजर्व बैंक की तरफ से सरकार को मिलने वाला यह पेमेंट पिछले वित्त वर्ष के 2.7 लाख रुपये के डिविडेंड से ज्यादा होगा और यह 3.4 लाख करोड़ रुपये तक हो सकता है।

सरकार के हाथ होंगे मजबूत

रिजर्व बैंक की तरफ से यह बंपर पेमेंट मार्च में खत्म हुए वित्त वर्ष के दौरान की गई आर्थिक और बैंकिंग गतिविधियों का सरप्लस है। इस तरह यह चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार को वित्तीय मजबूती देगा। खासतौर पर क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह से करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ रहा है और फॉरेन फंड की सेल ऑफ बढ़ रही है। वहीं, रुपये की बेंचमार्क 10-ईयर यील्ड इस साल अब तक लगभग 50 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर मंगलवार को 7.10% हो गई है, जबकि रुपया लगभग 7% कमजोर हुआ है। करेंसी में गिरावट ने एक्सटर्नल डेफिसिट को कम करने के लिए कई ऑस्टेरिटी उपाय करने को बढ़ावा दिया है।

रिपोर्ट में PGIM इंडिया एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड में फिक्स्ड इनकम के हेड पुनीत पाल के हवाले से बताया गया है कि बॉन्ड मार्केट पहले से ही RBI की तरफ से करीब 3 लाख करोड़ के डिविडेंड की अपेक्षा कर रहा है। वहीं, सरकार ने बजट में 3.2 लाख करोड़ के डिविडेंड की उम्मीद रखी है। पाल के मुताबिक “ज्यादा डिविडेंड से फिस्कल मैनेजमेंट में सरकार को मदद मिल सकती है, लेकिन अगर यह अनुमान के मुताबिक या उससे कम रहा, तो असल में इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। ”

RBI के पास कहां से आता है पैसा?

RBI अपने इन्वेस्टमेंट से होने वाली इनकम, फॉरेन-एक्सचेंज होल्डिंग्स और करेंसी नोट छापने की फीस से डिविडेंड देता है। पिछले साल, इसने अपने टोटल एसेट्स का 7.5%, 4.5%-7.5% के बैंड में सीलिंग पर एक कंटिंजेंसी बफर बनाए रखने का फैसला किया। इकोनॉमिस्ट्स को उम्मीद है मौजूदा अनिश्चितता को देखते हुए बफर को ऊंचे लेवल पर बनाए रखा जाएगा। लेकिन, उन्होंने कहा कि इससे पिछले फिस्कल ईयर की तुलना में बड़ा सरप्लस ट्रांसफर करने की गुंजाइश बनी रहेगी।

इकॉनमिस्ट्स का अनुमान है कि 2025-26 में RBI की बैलेंस शीट लगभग 20% बढ़ी, जब सेंट्रल बैंक ने बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी डालने के लिए लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे। 2024-25 के आखिर में, RBI की बैलेंस शीट 76.25 ट्रिलियन रुपये की थी। इसके अलावा रुपये को सपोर्ट करने के लिए डॉलर की बिक्री पर होने वाले फायदे से भी सरप्लस पेमेंट को बढ़ावा मिल सकता है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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