अगर आपने किसी कंपनी या स्कीम में निवेश किया है और अब वो कंपनी आपका पैसा लौटाने से मना कर रही है, तो अब परेशान होने की जरुरत नहीं है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने निवेशकों की सुरक्षा के लिए “सचेत पोर्टल” (Sachet Portal) नाम से एक वेबसाइट बनाई है। इस वेबसाइट के ज़रिए आप फर्जी या धोखाधड़ी वाली निवेश योजनाओं के खिलाफ अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। आइए आपको डिटेल में बताते हैं इस स्कीम के बारे में?
क्या है RBI का सचेत पोर्टल?
सचेत पोर्टल एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जिसे RBI ने आम लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं, अवैध चिट फंड्स, और गैरकानूनी फाइनेंस कंपनियों से बचाने के लिए शुरू किया है। अगर किसी कंपनी ने आपको ऊंचे रिटर्न (Unrealistic Returns) का लालच देकर पैसा निवेश करवाया और अब धोखा कर रही है, तो आप इस पोर्टल पर उसकी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
शिकायत कैसे दर्ज करें?
जब आप पर जाकर शिकायत दर्ज करते हैं, तो RBI आपकी शिकायत को उस नियामक संस्था (Regulator) तक पहुंचाता है जो उस केस के लिए ज़िम्मेदार है जैसे SEBI, IRDAI, राज्य सरकार या पुलिस विभाग। शिकायत करते समय आपको कंपनी का नाम, स्कीम की जानकारी और अपने निवेश का विवरण देना होता है। शिकायत दर्ज करने के बाद आपको एक रेफरेंस नंबर मिलता है, जिससे आप आगे उसकी स्थिति (Status) ट्रैक कर सकते हैं।
क्या हैं पोर्टल की खासियत
सचेत पोर्टल सिर्फ शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह लोगों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने का भी काम करता है। इस पोर्टल पर निवेशक यह जान सकते हैं कि कौन-सी कंपनियां आरबीआई या अन्य नियामक संस्थाओं से पंजीकृत हैं, किन कंपनियों या स्कीमों पर पहले से कार्रवाई चल रही है और कौन-सी योजनाएं अवैध या जोखिम भरी मानी जाती हैं। देशभर में बढ़ते चिट फंड और मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) जैसे फ्रॉड से लोगों को बचाने के लिए आरबीआई का यह प्लेटफॉर्म बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। यह निवेशकों को एक सुरक्षित और सरकारी मंच प्रदान करता है, जहां वे बिना किसी बिचौलिए के अपनी शिकायत सीधे दर्ज कर सकते हैं।
कैसे फाइल करें शिकायत
अगर आपने किसी कंपनी में पैसा लगाया है और वो धोखा दे रही है, तो वेबसाइट के होमपेज पर जाकर “File a Complaint” टैब पर क्लिक करें और अपनी शिकायत दर्ज करें। अगर आपको नहीं पता कि आपकी शिकायत किस रेगुलेटर के अधीन आती है, तो “Can’t find regulator” लिंक पर क्लिक करें RBI की SLCC टीम आपकी शिकायत सही विभाग तक पहुंचा देगी।
शिकायत करते समय मोबाइल नंबर देना ज़रूरी है, ताकि आपको SMS के ज़रिए शिकायत नंबर और अपडेट मिलते रहें। शिकायत दर्ज होने के बाद उसे तुरंत संबंधित विभाग को भेज दिया जाता है। हालांकि, शिकायत के निपटारे में लगने वाला समय मामले की गंभीरता पर निर्भर करता है।
अगर आप अपनी शिकायत की स्थिति जानना चाहते हैं, तो वेबसाइट के होमपेज पर “Track your Complaint” सेक्शन में जाकर अपना ईमेल, मोबाइल नंबर या शिकायत नंबर डालकर स्टेटस देख सकते हैं।
