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Digital Loan App :फर्जी डिजिटल लोन ऐप पर RBI करेगा अलर्ट, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम

Digital Loan App Fraud: आरबीआई ने बैंकों को जो रिपॉजिटरी बनाने का प्रस्ताव दिया है, उससे फायदा यह होगा कि जब भी किसी कस्टमर के पास फर्जी डिजिटल लोन ऐप का कॉल आएगा, तो वह बड़ी आसानी से बैंकों की लिस्ट को चेक कर सकेगा।

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डिजिटल लोन ऐप फ्रॉड

Photo : iStock

Digital Loan App Fraud: आरबीआई फर्जी लोन ऐप के फ्रॉड को रोकने के लिए अहम कदम उठाने जा रहा है। इसके तहत डिजिटल लोन देने वाले ऐप के बारे में सार्वजनिक तौर पर दी जाएगी। जिससे फर्जी इकाइयों पर लगाम लगाई जा सके। इसके लिए आरबीआई ने बैंक तथा एनबीएफसी को डिजिटल लोन ऐप के आंकड़े (रिपॉजिटरी) तैयार करने का प्रस्ताव दिया है। इस कदम से उपभोक्ताओं को अनधिकृत ऋण देने वाले ऐप की पहचान करने में मदद मिलेगी।

क्या होगा फायदा

आरबीआई कगवर्नर शक्तिकान्त दास ने कहा कि अनधिकृत डिजिटल ऋण देने वाले ऐप (डीएलए) से उत्पन्न होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए आरबीआई ने बैंक तथा एनबीएफसी के डीएलए के आंकड़े (रिपॉजिटरी) तैयार करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें विनियमित संस्थाएं (आरई) अपने डीएलए के बारे में जानकारी देंगे और समय के साथ उसे अपडेट भी करेंगी। इस कदम से उपभोक्ताओं को अनधिकृत ऋण देने वाले ऐप की पहचान करने में मदद मिलेगी। यानी कस्टम लोन लेने से पहले डिजिटल लोन ऐप की पूरी पड़ताल कर सकेंगे।

कैसे चलेगा फर्जी ऐप का पता

आरबीआई ने बैंकों को जो रिपॉजिटरी बनाने की बात कही है, उससे फायदा यह होगा कि जब भी किसी कस्टमर के पास फर्जी डिजिटल लोन ऐप का कॉल आएगा, तो वह बड़ी आसानी से बैंकों की लिस्ट को चेक कर सकेगा। ऐसे में उसे पता चल सकेगा कि कौन डिजिटल लोन ऐप फर्जी है या असली है। आरबीआई का यह कदम बड़े लेवल पर कस्टमर को फ्रॉड से बचा सकता है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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