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RBI Repo Rate: अप्रैल में RBI लगातार दूसरी बार घटा सकता है रेपो रेट, घटती महंगाई का दिखेगा असर ! 0.25% कटौती का अनुमान

RBI Repo Rate: भारत की मुद्रास्फीति जनवरी में 5.22 प्रतिशत से घटकर 4.31 प्रतिशत हो गई। लगातार चार महीने तक मुद्रास्फीति 5 प्रतिशत से ऊपर रहने के बाद, यह आरबीआई के 4 प्रतिशत लक्ष्य के करीब पहुंच गई। यह ट्रेंड संभावित रेपो रेट में कटौती की संभावना को मजबूत करता है।

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आरबीआई कर सकता है रेपो रेट में कटौती

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KEY HIGHLIGHTS
  • RBI फिर घटाएगा रेपो रेट
  • 0.25 फीसदी की कटौती संभव
  • नई रिपोर्ट में अनुमान

RBI Repo Rate: भारत की मुद्रास्फीति जनवरी में 5.22 प्रतिशत से घटकर 4.31 प्रतिशत हो गई। लगातार चार महीने तक मुद्रास्फीति 5 प्रतिशत से ऊपर रहने के बाद, यह आरबीआई के 4 प्रतिशत लक्ष्य के करीब पहुंच गई। यह ट्रेंड संभावित रेपो रेट में कटौती की संभावना को मजबूत करता है। अभी रेपो रेट 6.25 प्रतिशत पर है। शनिवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार की स्थिति निवेशकों के बीच सतर्कता की भावना को दर्शाती है, जो आर्थिक स्थितियों, सेक्टर-स्पेसिफिक विकास और ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट के रुझानों से जुड़ी है।

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0.25 फीसदी रेपो रेट और घट सकती है

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है, "विकास-मुद्रास्फीति के आंकड़ों, एमपीसी की पिछली नीति कार्रवाई और एमपीसी के मिनटों के आधार पर, हमारा मानना है कि आरबीआई-एमपीसी अपनी अप्रैल नीति में एक और 25 बीपीएस कटौती करेगा, जबकि अपनी लिक्विडिटी रणनीति पर चुस्त और लचीला बने रहना जारी रखेगा।"

शेयर बाजारों का कैसा रहा हाल

फरवरी में निफ्टी 500 इंडेक्स में 7.88 प्रतिशत की गिरावट आई। फैक्टर-बेस्ड रणनीतियों ने बाजार मूवमेंट को दर्शाया, जबकि निफ्टी 5 ईयर बेंचमार्क जी-सेक (+0.53 प्रतिशत) सहित निश्चित आय वाले साधनों ने स्थिरता प्रदर्शित की।

रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर विकसित बाजारों में मिश्रित गतिविधियां देखने को मिलीं, जहां स्विट्जरलैंड ने 3.47 प्रतिशत और यूनाइटेड किंगडम ने 3.08 प्रतिशत बढ़त दर्ज की, जबकि जापान ने 1.38 प्रतिशत गिरावट दर्ज की।

अमेरिका में महंगाई बढ़ी

12 फरवरी को आए आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में सीपीआई (खुदरा) महंगाई 3 प्रतिशत रही, जो पिछले महीने के 2.90 प्रतिशत से मामूली वृद्धि को दर्शाती है।

एचएसबीसी की एक दूसरी रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत का लॉन्ग-टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है और इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग में सरकारी निवेश, निजी निवेश में तेजी और रियल एस्टेट साइकल में सुधार के कारण निवेश साइकल मध्यम अवधि में तेजी की ओर बढ़ने का अनुमान है।

सप्लाई चेन में ज्यादा निजी निवेश

एचएसबीसी म्यूचुअल फंड की 'मार्केट आउटलुक रिपोर्ट 2025' में रिन्यूएबल एनर्जी और इससे जुड़े सप्लाई चेन में ज्यादा निजी निवेश, हाई-एंड टेक्नोलॉजी कंपोनेंट्स का स्थानीयकरण और भारत के तेजी से विकास का सपोर्ट करने के लिए ग्लोबल सप्लाई चेन का सार्थक हिस्सा बनने की उम्मीद है।

अभी तक वास्तविक अर्थव्यवस्था ने वैश्विक विकास के प्रति लचीलापन दिखाया है। (इनपुट - आईएएनएस)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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