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LCR: आरबीआई का बड़ा फैसला! LCR नियमों को 1 साल के लिए टाला, बैंकों को राहत

RBI LCR Rules Postponed, Liquidity Coverage Ratio India, RBI Banking Regulation 2025: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नकदी कवरेज अनुपात (LCR) नियमों को 31 मार्च 2026 तक टाल दिया। नए गवर्नर संजय मल्होत्रा का क्या है रुख? जानें पूरी जानकारी।

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RBI ने LCR नियमों को 1 साल के लिए किया स्थगित।

Photo : IANS

RBI LCR Rules Postponed: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को बैंकों को बड़ी राहत देते हुए नकदी कवरेज अनुपात (Liquidity Coverage Ratio - LCR) के कार्यान्वयन को कम से कम 1 साल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। अब यह नियम 31 मार्च 2026 से पहले लागू नहीं होगा।

आरबीआई का नया दृष्टिकोण

मल्होत्रा ने कहा कि वित्तीय स्थिरता महत्वपूर्ण है, लेकिन नियामकीय सख्ती की लागत को भी ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एलसीआर नियमों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि बैंकों पर अचानक दबाव न पड़े।

पिछले गवर्नर बनाम नए गवर्नर

पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास ने वित्तीय स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए सख्त नियामकीय कदम उठाए थे। नए गवर्नर संजय मल्होत्रा बैंकों को राहत देने और विनियमन में संतुलन बनाने की नीति अपना रहे हैं।

बड़े बैंकों पर क्या होगा असर?

एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसी प्रमुख संस्थाओं पर नियामकीय सख्ती को लेकर मल्होत्रा ने कहा कि कड़े कदम अंतिम विकल्प के रूप में ही उठाए जाएंगे, जब बाकी सभी समाधान असफल हो जाएंगे।

क्या रहेगा आगे का रोडमैप?

एलसीआर नियम अब 31 मार्च 2026 से पहले लागू नहीं होंगे। आरबीआई नियामकीय लागत और लाभों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करेगा।

बैंकों को धीरे-धीरे बदलाव के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

आरबीआई के इस फैसले से बैंकों को राहत मिली है, और यह कदम भारत की बैंकिंग प्रणाली की स्थिरता को बनाए रखने में मदद करेगा।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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