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देश में कब से चलेंगे प्लास्टिक के नोट? RBI गर्वनर ने तारीख का किया ऐलान

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027-28 की शुरुआत तक 'पॉलिमर’ (प्लास्टिक) के नोट जारी करने का लक्ष्य रखा है। बुधवार को यह जानकारी आरबीआई गवर्नर ने दी।

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10—20 रुपये के नोट के प्रतिकात्मक तस्वीर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि सेंट्रल बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 की शुरुआत तक पॉलिमर (प्लास्टिक) करेंसी नोट लाना है। बड़े पैमाने पर इन्हें जारी करने से पहले इनके परफॉर्मेंस को परखने के लिए अभी फील्ड ट्रायल चल रहे हैं। मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक के नतीजों पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान मल्होत्रा ने कहा कि पॉलिमर बैंकनोट के लिए पायलट प्रोग्राम अभी चल रहा है।

RBI गवर्नर ने यह भी संकेत दिया कि सेंट्रल बैंक बड़े पैमाने पर इन्हें जारी करने का अंतिम फैसला लेने से पहले फील्ड ट्रायल के नतीजों का मूल्यांकन करेगा।

सबसे पहले 10 और 20 रुपये के नोट आएंगे

यह बयान वित्त मंत्रालय द्वारा संसद को यह जानकारी देने के कुछ दिनों बाद आया है कि सरकार ने 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर करेंसी नोटों के फील्ड ट्रायल के लिए RBI के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार के अनुसार, सेंट्रल बैंक पायलट प्रोग्राम के तहत 10 रुपये और 20 रुपये के एक-एक अरब पॉलिमर नोट जारी करने की योजना बना रहा है, ताकि भारतीय परिस्थितियों में उनकी टिकाऊपन और उपयुक्तता को परखा जा सके।

कागजी नोट के मुकाबले टिकाऊ होगा

RBI का कहना है कि पॉलिमर बैंकनोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं और इनसे बदलने की लागत कम हो सकती है, खासकर कम मूल्य वाले नोटों के मामले में, जिनका चलन ज्यादा होता है और जो जल्दी खराब हो जाते हैं। पॉलिमर नोटों में एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर्स भी शामिल किए जा सकते हैं, जैसे पारदर्शी खिड़कियां और नकली नोटों को रोकने वाले बेहतर फीचर्स।

कागज के नोट चलन में बने रहेंगे

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभी कागजी करेंसी को पूरी तरह से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। अगर पॉलिमर नोट लाए जाते हैं, तो वे मौजूदा कागजी बैंकनोटों के साथ-साथ चलन में रहेंगे। RBI ने यह भी कहा है कि बड़े पैमाने पर इन्हें अपनाने का कोई भी फैसला फील्ड ट्रायल के नतीजों और देश भर में अलग-अलग मौसम और इस्तेमाल की स्थितियों में नोटों के ऑपरेशनल मूल्यांकन पर निर्भर करेगा।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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