How Much EMI Increase After RBI Repo Rate Hike: आरबीआई ने पिछले 10 महीने में छठीं बार रेपो रेट में बढ़ोतरी EMI में बढ़ोतरी का रास्ता दे दिया है। रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद, एक बार फिर आम ग्राहकों को बैंकों के तरफ से झटका मिलने की संभावना है। ऐसे में न केवल नए ग्राहकों के लिए कर्ज महंगा होगा, बल्कि पहले फ्लोटिंग रेट पर कर्ज ले चुके ग्राहकों की भी ईएमआई बढ़ेगी। इसका असर होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनलन लोन, बिजनेस लोन आदि पर भी पढ़ेगा। केवल 0.25 फीसदी ब्याज दरों मेंं बढ़ोतरी से 20 लाख के होम लोन पर 20 साल की अवधि के लिए कर्ज लेने वाले ग्राहकों को 77,280 रुपये एक्स्ट्रा ब्याज चुकाना होगा।
ऐसे बढ़ेगी EMI
रेपो रेट में बढ़ोतरी का सबसे पहले असर होम लोन ग्राहकों को पर पड़ने वाला है। क्योंकि ज्यादातर होम लोन फ्लोटिंग रेट पर लिए गए हैं। ऐसे में बैंक जल्द ही अपने MCLR में बढ़ोतरी करेंगे। वहीं कार और टूव्हीलर लोन में आम तौर पर फिक्सड रेट पर ग्राहक कर्ज लेते हैं। ऐसे में फ्लोटिंग रेट वाले ग्राहकों पर ही असर होगा।
| लोन राशि (रुपये) | मौजूदा ब्याज दर (फीसदी) | मौजूदा EMI (रुपये) | नई ब्याज दर | नई EMI |
| 20 लाख | 9.0 | 17,995 | 9.25 | 18,317 |
| 30 लाख | 9.0 | 26,992 | 9.25 | 27,476 |
| 40 लाख | 9.0 | 35,989 | 9.25 | 36,635 |
अगर इस बार के रेपो रेट में बढ़ोतरी को बैंक पूरी तरह से ग्राहकों को ट्रांसफर करते हैं, तो 20 लाख रुपये के होम लोन पर 20 साल की अवधि के लिए कर्ज लेने वाले ग्राहकों को 77,280 रुपये एक्स्ट्रा ब्याज चुकाना होगा।
इसी तरह 30 लाख रुपये के होम लोन पर 20 साल की अवधि के लिए कर्ज लेने वाले ग्राहकों को 1,16,160 रुपये एक्स्ट्रा ब्याज चुकाना होगा।
इसी तरह 40 लाख रुपये के होम लोन पर 20 साल की अवधि के लिए कर्ज लेने वाले ग्राहकों को 1,55,040 रुपये एक्स्ट्रा ब्याज चुकाना होगा।
कार लोन पर कितना असर
| लोन राशि (रुपये) | मौजूदा ब्याज दर (फीसदी) | मौजूदा EMI (रुपये) | नई ब्याज दर | नई EMI |
| 4 लाख | 8.5 | 8,207 | 8.75 | 8,255 |
| 8 लाख | 8.5 | 16,413 | 8.75 | 16,510 |
| 10 लाख | 8.5 | 20,517 | 8.75 | 20,637 |
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
वॉयस ऑफ बैंकिंग के फाउंडर अश्वनी राणा के अनुसार,रिजर्व बैंक के महंगाई को नियंत्रित करने के इस प्रयास से लोगों के लोन की क़िस्त बढ़ जाएगी । 2023 में पहली बार रेपो रेट को बढ़ाया गया है, जबकि 2022 में 5 बार रेपो रेट बढ़ाया गया। इससे लोन लेने वाले बैंक के ग्राहकों के लिए मुश्किल बढ़ जाएगी। वहीं बैंकों के लिए भी कई खातों को एनपीए होने से रोकने में मुश्किल आएगी।
