Ratan Tata: टाटा ग्रुप के सम्मानित चेयरमैन एमेरिटस और भारतीय उद्योग जगत की एक दिग्गज हस्ती रतन नवल टाटा का बीते बुधवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। वे 86 वर्ष के थे और उन्होंने दो दशक से अधिक समय तक टाटा ग्रुप का नेतृत्व किया। उनकी लीडरशिप के दौरान टाटा ग्रुप ने काफी ग्रोथ की और नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक के सेक्टर में लगे इस ग्रुप को ऊंचाइयों तक पहुंचाया। रतन टाटा को ग्लोबल लेवल पर टाटा ग्रुप की उपस्थिति बढ़ाने का भी श्रेय दिया जाता है। इससे टाटा ग्रुप की वैल्यू पाकिस्तान की GDP से भी अधिक हो गई।
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पाकिस्तान की GDP से ज्यादा वैल्युएशन
टाटा ग्रुप को लेकर एक फैक्ट सामने आया है। जोरदार ग्रोथ के दम पर टाटा ग्रुप की वैल्युएशन 400 अरब डॉलर की मार्केट कैपिटल को पार कर गई है। यह वैल्युएशन 2024 के अंत तक पाकिस्तान की अनुमानित 347 अरब डॉलर की जीडीपी से अधिक है, जो न केवल टाटा ग्रुप के लिए बल्कि भारत के कॉर्पोरेट सेगमेंट के लिए भी बड़ी बात है।
1868 का है इतिहास और 100 से अधिक कंपनियां
1868 में शुरू हुआ टाटा ग्रुप भारत के सबसे पुराने और सबसे डायवर्सिफाइड ग्रुप्स में से एक है, जिसमें 100 से अधिक कंपनियाँ शामिल हैं जो टेक, स्टील, ऑटोमोटिव और एनर्जी सहित कई सेक्टरों में कारोबार करती हैं।
20 अगस्त 2024 तक ग्रुप की मार्केट वैल्युएशन 33.7 ट्रिलियन रुपये (लगभग 403 बिलियन डॉलर) थी, जिससे यह इस आंकड़े को हासिल करने वाला पहला भारतीय ग्रुप भी बन गया।
पाकिस्तान की GDP की हालत
टाटा ग्रुप की वैल्युएशन और पाकिस्तान की जीडीपी के बीच तुलना चौंकाने वाली है। ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के अंत तक पाकिस्तान की जीडीपी 347.17 बिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।
इस बीच IMF ने पाकिस्तान के लिए मामूली 2.0% वास्तविक जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। साथ ही इंवेस्टमेंट-टू-जीडीपी रेशियो में 2023 में 14.13% से 2024 में 13.14% की गिरावट का अनुमान लगाया है।
