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Railway Stocks में मची लूट! IRCON से IRCTC तक टूट पड़े निवेशक, क्यों आई तूफानी तेजी?

Railway PSU Stocks Rally: रेलवे सेक्टर के शेयरों में आज अचानक जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जिसने निवेशकों को चौंका दिया। IRCON से लेकर IRCTC तक कई PSU शेयर 2% से 5% तक उछल गए। सवाल यह है कि आखिर अचानक इस सेक्टर में इतनी तेज खरीदारी क्यों आई है।

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रेलवे स्टॉक्स में बंपर तेजी

Railway PSU Stocks Rally: पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान के बीच सुलह की बढ़ती उम्मीदों के बीच बुधवार 25 मार्च को रेलवे सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। हालांकि, पिछले 1 महीने में रेलवे PSU स्टॉक्स में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 25 फरवरी से आज तक एक महीने के टाइम फ्रेम पर देखें, तो आज जिन स्टॉक्स में 6% तक तेजी आई है, वे अब भी पिछले महीने के स्तर से 14% नीचे हैं।

एक महीने में IRCON करीब 14% नीचे है, RVNL में भी करीब 15% की गिरावट बनी हुई है, जबकि IRFC लगभग 8-9% और IRCTC करीब 13% तक नीचे कारोबार कर रहा है। हालांकि हाल के दिनों में लो से हल्की रिकवरी जरूर आई है, लेकिन अभी भी ये स्टॉक्स अपने फरवरी के स्तर से नीचे ही हैं, जो बताता है कि तेजी के बावजूद पूरी भरपाई अभी बाकी है।

स्टॉकआज की तेजी (%)1 महीने का रिटर्न (%)ट्रेंड
IRCON International~+5%-14.48%गिरावट के बाद रिकवरी
RVNL~+4-5%-14.80%दबाव के बाद बाउंस
IRFC~+3%-8.5%सीमित गिरावट, हल्की रिकवरी
IRCTC~+2-3%-13%कमजोर ट्रेंड से उभरने की कोशिश

IRCON से IRCTC तक बने रॉकेट

शेयर बाजार में आज रेलवे PSU स्टॉक्स का जलवा दिख रहा है। IRCON International करीब 5% की तेजी के साथ 125 रुपये के पार पहुंच गया। वहीं RVNL में 4% से ज्यादा की बढ़त रही, IRFC में 3% के आसपास मजबूती दिखी और IRCTC भी 2-3% चढ़कर कारोबार करता नजर आया। इस तेजी की खास बात यह रही कि खरीदारी सिर्फ एक-दो शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे रेलवे PSU पैक में एक साथ उछाल देखने को मिला।

क्यों आई PSU Railway Stock में तेजी?

रेलवे शेयरों में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण सेक्टरल रोटेशन माना जा रहा है। हाल के दिनों में IT और कुछ अन्य सेक्टरों में कमजोरी के बाद निवेशक अब इंफ्रास्ट्रक्चर और PSU थीम की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। रेलवे सेक्टर इसमें सबसे बड़ा बेनिफिशियरी बनकर उभरा है। इसके अलावा इसे वैल्यू बायिंग से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

मर्जर बड़ा ट्रिगर

IRCON International और Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) के बीच मर्जर की संभावना रेलवे स्टॉक्स में तेजी के लिए बड़ा ट्रिगर है। माना जा रहा है कि सरकार रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में कंसोलिडेशन के जरिए एक बड़ा और ज्यादा सक्षम प्लेयर बनाना चाहती है, जिससे डुप्लिकेशन कम हो और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन बेहतर हो सके। हालांकि अभी इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बाजार इस मर्जर थीम को पहले ही प्राइस-इन कर रहा है, जो रेलवे शेयरों में हालिया तेजी की एक अहम वजह बन रहा है।

ऑर्डर बुक और ग्रोथ विजिबिलिटी

रेलवे कंपनियों की मजबूत ऑर्डर बुक और सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार फोकस निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर रहा है। IRCON और RVNL जैसी कंपनियों के पास बड़े प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन है, जिससे आने वाले समय में रेवेन्यू ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं बनी हुई हैं।

करेक्शन के बाद वैल्यूएशन हुए आकर्षक

हाल ही में इन शेयरों में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली थी, जिससे इनके वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर आ गए। ऐसे में निवेशकों ने इस गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में लिया और एक साथ एंट्री की, जिससे शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला।

सरकारी फोकस बना बड़ा ट्रिगर

रेलवे सेक्टर सरकार की प्राथमिकता में लगातार बना हुआ है। कैपेक्स बढ़ाने, नेटवर्क विस्तार और मॉडर्नाइजेशन पर जोर से इस सेक्टर की लॉन्ग टर्म स्टोरी मजबूत बनी हुई है। यही वजह है कि हर गिरावट पर निवेशक इस सेक्टर में दिलचस्पी दिखाते हैं।

आगे क्या करें निवेशक

रेलवे शेयरों में आई यह तेजी शॉर्ट टर्म मोमेंटम का संकेत देती है, लेकिन तेज उछाल के बाद मुनाफावसूली से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी से बचते हुए गिरावट पर अच्छे स्टॉक्स में चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।

हालांकि, लॉन्ग टर्म के लिहाज से देखें, तो रेलवे PSU शेयरों में आई यह रैली मजबूत फंडामेंटल और सेक्टरल थीम का संकेत है। IRCON से IRCTC तक फैली इस तेजी ने दिखा दिया कि सही ट्रिगर मिलते ही यह सेक्टर तेजी से दौड़ सकता है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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