Rail Budget 2024: केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट में रेलवे के लिए ट्रेनों की बोगियों को वंदे भारत के स्टैंडर्ड की तरह बनाने की तैयारी कर रही है। रेल के इतिहास में पहली बार 40,900 किमी नए रेलवे ट्रैक बनाने की घोषणा हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश अंतरिम बजट में देश में तीन नए रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। जिनमें अमृत चतुर्भुज नामक कॉरिडोर देशवासियों को सेमी हाई स्पीड (160-240 किलोमीटर प्रतिघंटा) पर तेज-सुरक्षित रेल सफर मुहैया कराएगा। जबकि एनर्जी इकॉनोमिक कॉरिडोर व रेल सागर कॉरिडोर टाइम टेबल से मालढुलाई की सर्विस प्रदान करेगा।
अमृत चतुर्भुज में 16,900 किलोमीटर सेमी हाई स्पीड कॉरिडोर बनेगा
रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक अमृत चतुर्भुज में 16,900 किलोमीटर सेमी हाई स्पीड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसमें दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, जम्मू कश्मीर, बेंगलुरू आदि शहरों के बीच सेमी हाई स्पीड कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। सवा चार लाख करोड़ की लागत से 200 प्रोजेक्ट के तहत सभी कॉरिडोर बनकर तैयार होंगे। अमृत चतुर्भुज पर वंदे भारत, अमृत भारत, स्लीपर वंदे भारत जैसी सेमी हाई स्पीड ट्रेनों को चलाया जाएगा।
एनर्जी इकोनोमिक कॉरिडोर में 192 प्रोजेक्ट होंगे। 22,200 लंबे कॉरिडोर पर छह लाख करोड़ से अधिक रकम खर्च होगी। इस कॉरिडोर पर मुख्य रूप से ऊर्जा, खनिज एवं सीमेंट की ढुलाई होगी। जबकि रेल सागर में 42 प्रोजेक्ट होंगे और इसकी लंबाई 2100 किलोमीटर होगी। पोर्ट कनेक्टिविटी वाले इस कॉरिडोर से समुद्र से होने वाले व्यापार में सुविधा व तेजी आएगी। सरकार तीनों नए रेल कॉरिडोर पर लगभग 12 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी और नौ साल में परियोजना को पूरा किया जाएगा।
40,000 डिब्बों को किया जाएगा अपग्रेड
इसके अलावा अंतरिम बजट में 40,000 डिब्बों को वंदे भारत स्टै के अनुरूप बदलने का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुविधा, आराम और सुरक्षा बढ़ाने के लिए सामान्य रेल डिब्बों को वंदे भारत मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा। इसके अलावा मेट्रो और नमो रेल का भी अन्य शहरों तक विस्तार किया जाएगा।
रेल बजट में किस राज्य को कितना मिला
दिल्ली 2,577
उत्तर प्रदेश 19,575
बिहार 10,032
झारखंड 7,234
उत्तराखंड 5120
हरियाणा 2861
सोर्स: रेल मंत्रालय- (आंकड़े करोड़ में)
बजट में रेलवे के लिए खास बातें
2.52 लाख करोड़ रुपये रेलवे के लिए अलॉकेशन
36000 करोड़ रुपये का अलॉकेशन नई लाइनों के लिए
30000 करोड़ रुपये गेज परिवर्तन के लिए मिला
2024-25 के लिए रेलवे ऑपरेटिंग रेसियो 98 प्रतिशत रखा गया है यानी 100 रुपये कमाने पर 98 रुपये खर्च किए जाएंगे।
