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द्वारका एक्सप्रेसवे से फरीदाबाद तक बदला NCR का प्रॉपर्टी बाजार, लग्जरी से अफोर्डेबल घरों का बना नया हब

दिल्ली-एनसीआर के प्रॉपर्टी की कीमत काफी बढ़ने के बावजूद मांग बनी हुई है। इसके चलते प्रॉपर्टी के नए-नए पॉकेट तेजी से उभर रहे हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे और फरीदाबाद दो बड़े प्रॉपर्टी हब के तौर पर उभरे हैं।

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प्रॉपर्टी मार्केट (AI Image)

दिल्ली-NCR का रियल एस्टेट बाजार अब सिर्फ नोएडा, गुरुग्राम तक सीमित नहीं रह गया है। द्वारका एक्सप्रेसवे और फरीदाबाद अब नए प्रॉपर्टी मार्केट के हब बन गए हैं। एक तरफ द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम के लग्जरी हाउसिंग मार्केट को चुनौती दे रहा है, तो दूसरी ओर फरीदाबाद अपनी पुरानी औद्योगिक पहचान से निकलकर आधुनिक रियल एस्टेट डेस्टिनेशन बन रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, नए एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट कनेक्शन और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स ने दोनों बाजारों को खरीदारों और निवेशकों की नजर में ला दिया है।

द्वारका एक्सप्रेसवे ने बदली तस्वीर

गुरुग्राम में लंबे समय तक गोल्फ कोर्स रोड और डीएलएफ फेज-5 जैसे इलाके लग्जरी रियल एस्टेट के सबसे बड़े नाम रहे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में द्वारका एक्सप्रेसवे ने इस तस्वीर को तेजी से बदला है। ANAROCK की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में द्वारका एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के आसपास आवासीय कीमतों में करीब 135% की बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि यहां आने वाली नई सप्लाई भी अब सामान्य आवासीय प्रोजेक्ट्स के बजाय बड़े और प्रीमियम घरों की तरफ बढ़ रही है।

द्वारका एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी ताकत इसकी लोकेशन और कनेक्टिविटी है। यहां से दिल्ली, IGI एयरपोर्ट, एरोसिटी और गुरुग्राम के प्रमुख कमर्शियल हब तक पहुंच आसान होती है। यही वजह है कि बड़े डेवलपर्स भी इस कॉरिडोर में प्रीमियम और लग्जरी प्रोजेक्ट्स लेकर आ रहे हैं। पुराने विकसित इलाकों में जमीन की कमी है, जबकि एक्सप्रेसवे के आसपास नए सेक्टरों में बड़े पैमाने पर प्लान्ड डेवलपमेंट की गुंजाइश है।

लग्जरी माइक्रो-मार्केट के तौर पर उभरा

हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर के मुताबिक, दिल्ली और गुरुग्राम के बीच रणनीतिक स्थिति और एयरपोर्ट, एरोसिटी व यशोभूमि जैसी प्रमुख परियोजनाओं की नजदीकी ने द्वारका एक्सप्रेसवे को निवेश के साथ-साथ लाइफस्टाइल डेस्टिनेशन के रूप में भी मजबूत किया है। आज का प्रीमियम होमबायर सिर्फ अच्छी लोकेशन नहीं देखता। वह बड़ा घर, बेहतर ओपन स्पेस, क्लब, फिटनेस, वेलनेस और आधुनिक सुविधाएं भी चाहता है।

व्हाइटलैंड कॉरपोरेशन के डायरेक्टर-स्ट्रैटेजी सुदीप भट्ट के अनुसार, इस बाजार की ग्रोथ सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर से नहीं, बल्कि पूरे शहरी इकोसिस्टम के विकास से जुड़ी है। द्वारका एक्सप्रेसवे के नए प्रोजेक्ट इसी बदलती जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे हैं। इसलिए यह इलाका अब केवल गुरुग्राम का एक नया रिहायशी क्षेत्र नहीं, बल्कि एक अलग लग्जरी माइक्रो-मार्केट के तौर पर उभर रहा है।

फरीदाबाद भी बदल रहा है अपनी पहचान

दूसरी तरफ NCR के दक्षिणी हिस्से में फरीदाबाद की कहानी भी तेजी से बदल रही है। कभी मुख्य रूप से औद्योगिक शहर के रूप में पहचाना जाने वाला फरीदाबाद अब रेजिडेंशियल और प्रीमियम हाउसिंग के लिए भी चर्चा में है। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण है, कनेक्टिविटी और नए इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे ने फरीदाबाद की कनेक्टिविटी को नया आधार दिया है। वहीं FNG एक्सप्रेसवे और NH-44 जैसे मार्ग इसे NCR के दूसरे हिस्सों से जोड़ते हैं। भविष्य में क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट कनेक्टिविटी के विस्तार की संभावनाएं भी इस बाजार के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

जेवर एयरपोर्ट ने बढ़ाई उम्मीद

फरीदाबाद की एक और बड़ी ताकत इसकी लोकेशन है। जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस पूरे क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। फरीदाबाद-जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैसी प्रस्तावित कनेक्टिविटी परियोजनाएं पूरी होने पर एयरपोर्ट तक पहुंच और आसान होने की उम्मीद है। दूसरी तरफ दिल्ली का IGI एयरपोर्ट भी अपेक्षाकृत नजदीक है।

ग्रेटर फरीदाबाद बना नया रेजिडेंशियल हब

फरीदाबाद में बदलाव सिर्फ एक्सप्रेसवे तक सीमित नहीं है। ग्रेटर फरीदाबाद यानी नहरपार इलाके में स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग और अन्य सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हुआ है। यही वजह है कि फरीदाबाद अब केवल कम कीमत में बड़ा घर देने वाला बाजार नहीं रह गया है। यहां प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग की मांग भी दिखाई दे रही है।

पसंदीदा प्रॉपर्टी डेस्टिनेशन बना फरीदाबाद

बीपीटीपी के सीईओ और प्रेसिडेंट माणिक मलिक के मुताबिक, फरीदाबाद तेजी से एक मजबूत रियल एस्टेट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है और कंपनी का फोकस आधुनिक डिजाइन, ग्रीन स्पेस और प्रीमियम सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स पर है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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