बिजनेस

कंपनी से मिला गिफ्ट कार्ड या शॉपिंग वाउचर टैक्स फ्री हैं या नहीं? जानिए इनकम टैक्स नियम

Income Tax Rules 2026: कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को दिए जाने वाले गिफ्ट व वाउचर टैक्स-फ्री है या नहीं। अगर है तो इनकम टैक्स का क्या नियम है। यहां विस्तार से समझिये।

Image

कंपनियों से मिलने वाले ₹15,000 तक के गिफ्ट्स अब पूरी तरह टैक्स-फ्री! (तस्वीर-AI)

Income Tax Rules 2026: सैलरीड यानी वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए इनकम टैक्स नियमों में एक राहत भरा बदलाव हुआ है। 'इनकम टैक्स रूल्स, 2026' के तहत नियोक्ता (कंपनी) द्वारा दिए जाने वाले गिफ्ट्स, वाउचर्स और टोकन पर टैक्स छूट की सीमा को बढ़ा दिया गया है। 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए इन नियमों के तहत अब कर्मचारियों को एक वित्त वर्ष में 15,000 रुपये तक के गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। इससे पहले यह टैक्स-फ्री सीमा महज 5,000 थी। नए टैक्स व्यवस्था और पुरानी टैक्स व्यवस्था दोनों का पालन करने वाले कर्मचारियों को इस छूट का लाभ मिलेगा।

गिफ्ट पर 15,000 रुपये की नई टैक्स फ्री सीमा का गणित

नए नियमों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच मिले गिफ्ट्स पर 15,000 रुपये तक की छूट लागू होगी। गिफ्ट से जुड़ी कंपनियों के एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस सीमा के बढ़ने से कर्मचारियों को गैर-कैश पुरस्कार देना और अधिक आकर्षक हो गया है। खासतौर पर डिजिटल दौर में शॉपिंग वाउचर्स और ई-गिफ्ट कार्ड्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच यह कदम नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

किन तोहफों पर मिलेगी टैक्स में छूट और किस पर लगेगा टैक्स?

नियमों के तहत केवल गैर-कैश वस्तुएं, वाउचर्स और डिजिटल टोकन ही इस छूट के दायरे में आते हैं। अगर कंपनी अपने कर्मचारी को डिजिटल गिफ्ट कार्ड, शॉपिंग वाउचर या कोई सामान देती है, तो उस पर 15,000 रुपये तक की सीमा में टैक्स नहीं लगेगा। इसके विपरीत, अगर नियोक्ता कर्मचारी को कैश (नकद राशि) या ऐसी कोई चीज देता है जिसे आसानी से पैसे में बदला जा सकता है (जैसे गिफ्ट चेक), तो वह पूरी तरह से टैक्स योग्य होगी।

क्या हर त्योहार या अवसर पर मिलेगी 15,000 रुपये की अलग छूट?

अक्सर कर्मचारियों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या यह सीमा हर त्योहार या मौके के लिए अलग है। टैक्स नियमों के अनुसार, यह 15,000 रुपये की सीमा पूरे वित्त वर्ष के लिए कुल मिलाकर है। इसका मतलब है कि दिवाली, जन्मदिन, या कंपनी की सालगिरह जैसे अलग-अलग मौकों पर मिले सभी गिफ्ट्स का कुल मूल्य जोड़कर 15,000 रुपये देखा जाएगा। इसलिए कंपनियों को पूरे साल में दिए गए गिफ्ट्स के कुल मूल्य का हिसाब रखना होगा।

क्या वाउचर से मिल सकती है बोनस की जगह?

आजकल कई कंपनियां कर्मचारियों को नकद बोनस की जगह डिजिटल वाउचर्स देने का विकल्प चुन रही हैं। वाउचर कर्मचारियों को अपनी पसंद का सामान खरीदने की आजादी और सहूलियत देते हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि टैक्स छूट की सीमा बढ़ने से कंपनियां अब अपने कर्मचारियों को रिवॉर्ड देने के लिए डिजिटल वाउचर्स का इस्तेमाल और अधिक बड़े पैमाने पर करेंगी।

15,000 रुपये या उससे ज्यादा का गिफ्ट मिलने पर क्या होगा?

कर्मचारियों को इस नियम के एक खास बिंदु पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, अगर वित्त वर्ष में मिले तोहफों की कुल वैल्यू 15,000 रुपये से कम रहती है, तभी उसका मूल्य 'शून्य' माना जाएगा। अगर सभी तोहफों का कुल मूल्य 15,000 रुपये या उससे अधिक हो जाता है, तो कर्मचारी को इस बात को लेकर सतर्क रहना चाहिए कि केवल अतिरिक्त राशि पर टैक्स लगेगा या पूरी रकम पर।

ITR और फॉर्म 16 (अब फॉर्म 130) में कैसे करें रिपोर्ट?

कर्मचारियों के टैक्स का हिसाब-किताब नियोक्ता द्वारा पेरोल के माध्यम से किया जाता है। कंपनी यह तय करेगी कि मिला गिफ्ट टैक्स के दायरे में आता है या नहीं और उसकी जानकारी फॉर्म 16 (जिसे नए आयकर अधिनियम के तहत 'फॉर्म 130' कहा गया है) में दर्ज करेगी। कर्मचारियों को अपना आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय इन जानकारियों का मिलान अपने टैक्स फॉर्म से जरूर कर लेना चाहिए।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article