PF Withdrawal Rules: पैसे की जरूरत पड़ने पर बहुत सारे नौकरीपेशा लोग अपने PF अकाउंट से पैसा निकालते हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं जो अपने PF (प्रोविडेंट फंड) अकाउंट से पैसे निकालने का प्लान बना रहे हैं और इस फाइनेंशियल ईयर में आपकी टैक्स देनदारी जीरो है, तो आप इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के तहत ‘फॉर्म 121’ जरूर भर कर दें। ऐसा करने से पीएफ निकासी पर कोई TDS (स्रोत पर टैक्स कटौती) नहीं कटेगा। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो TDS काट लिया जाएगा और आपको मिलने वाली आखिरी रकम कम हो जाएगी। बता दें कि ईपीएफओ (EPFO) के नियमों के अनुसार, यदि आप पीएफ निकासी के समय कुछ तकनीकी बातों का ध्यान नहीं रखते हैं, तो आपकी राशि पर 10% से लेकर 30% तक का टीडीएस काटा जा सकता है।
नए इनकम टैक्स में बदला नियम
पुराने आयकर अधिनियम, 1961 को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने और 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी आयकर अधिनियम, 2025 के लागू होने के साथ, कर कटौती के बिना आय की घोषणा के संबंध में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसके बाद EPFO ने कहा है कि RO (भुगतानकर्ता के तौर पर) को मिले हर Form 121 के लिए एक Unique Identification Number (UIN) देना होगा। इस UIN में क्रम संख्या, टैक्स वर्ष और भुगतानकर्ता का TAN जैसे घटक शामिल होने चाहिए। ‘Forms 121’ का विवरण अगले महीने की 7 तारीख को या उससे पहले IT विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से अपलोड करना जरूरी है।
EPFO ने क्या कहा है?
EPFO ने कहा है कि जो सदस्य अपना PF का पैसा निकालना चाहते हैं और नहीं चाहते कि उनका TDS कटे, उन्हें तय ट्रांजैक्शन की तारीख से पहले ‘Form 121’ जमा कर देना चाहिए। वे इसे फाइनेंशियल ईयर (2026-27) की शुरुआत में भी जमा कर सकते हैं। उन्हें PAN (परमानेंट अकाउंट नंबर) और फाइनेंशियल ईयर के दौरान अपनी अनुमानित इनकम जैसी जानकारी देनी होगी।
इन बातों का रखें ख्याल
5 साल की सेवा से पहले निकासी: इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, अगर आप लगातार 5 साल की सेवा पूरी करने से पहले अपने पीएफ खाते से पैसा निकालते हैं, तो यह राशि कर योग्य हो जाती है। हालांकि, अगर आपकी कुल सेवा अवधि 5 वर्ष से अधिक है (चाहे आपने नौकरियां बदली हों और यूएएन को ट्रांसफर किया हो), तो निकासी पर कोई टीडीएस नहीं कटता है।
पैन कार्ड (PAN) लिंक न होना: सबसे भारी नुकसान तब होता है जब आपका पीएफ खाता आपके पैन कार्ड से लिंक नहीं होता है। अगर नौकरी 5 साल से कम है और राशि ₹50,000 से अधिक है, तो 10% टीडीएस कटता है। इसी स्थिति में टीडीएस की दर बढ़कर 30% (अधिकतम सीमा) तक पहुंच सकती है। इसलिए निकासी का क्लेम करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपका केवाईसी अपडेटेड जरूर करें।
विड्रॉल राशि की सीमा: टीडीएस केवल तभी कटता है जब निकासी की जाने वाली कुल राशि ₹50,000 या उससे अधिक हो। अगर आप इससे कम राशि निकाल रहे हैं, तो टीडीएस नहीं काटा जाता, चाहे आपकी सेवा अवधि कितनी भी कम क्यों न हो।
क्लेम रिजेक्ट से बचने के लिए न करें ये गलतियां
अक्सर क्लेम रिजेक्ट होने या पैसा फंसने का मुख्य कारण गलत बैंक अकाउंट नंबर या आईएफएससी (IFSC) कोड होता है। निकासी फॉर्म भरते समय हमेशा उस चेक की फोटो अपलोड करें जिस पर आपका नाम प्रिंटेड हो। यदि चेक पर नाम नहीं है, तो बैंक पासबुक का फ्रंट पेज (जिस पर बैंक की मुहर हो) अपलोड करें। एक और जरूरी बात है कि पीएफ निकासी का सही कारण चुनना। अगर आप मेडिकल इमरजेंसी, घर खरीदने या शिक्षा जैसे विशेष कारणों से पैसा निकालते हैं, तो कई मामलों में टैक्स छूट मिल सकती है। लेकिन गलत कैटेगरी चुनने पर टैक्स का बोझ बढ़ सकता है।
