Passenger Security Charges In Flight Ticket: एयरलाइन टिकट की कीमतें इसलिए अधिक होती हैं, क्योंकि किराये में यूजर डेवलपमेंट चार्ज (यूडीएफ), एविएशन सिक्योरिटी चार्ज और पैसेंजर सर्विस चार्ज जैसे विभिन्न शुल्क शामिल होते हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर हुए हादसे के बाद हवाई अड्डों पर सेफ्टी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि खास बात यह है कि फ्लाइट टिकट में सुरक्षा के नाम पर भी काफी पैसा लिया जाता है। यात्रियों से हवाई अड्डों पर तैनात CISF कर्मियों के लिए पैसेंजर सिक्योरिटी चार्ज लिया जाता है, जिसे एविएशन सिक्योरिटी चार्ज भी कहते हैं। भारत में सभी हवाई अड्डों पर पैसेंजर सिक्योरिटी चार्ज 236 रु है। इसमें 65% सिक्योरिटी और 35% सुविधा चार्ज होता है। आगे जानिए आपसे एयरपोर्ट पर और कौन-कौन से चार्ज लिए जाते हैं।
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पैसेंजर सर्विस चार्ज
इसी तरह पैसेंजर सर्विस चार्ज एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी और यात्रियों की सुविधाओं पर होने वाले खर्च के लिए लगाया जाता है। ये चार्ज 83 रु से 236 रु तक है।
यूजर डेवलपमेंट चार्ज
यात्रियों को यूजर डेवलपमेंट चार्ज भी देना होता है। ये अलग-अलग एयरपोर्ट पर 100 रु से 1540 रु तक है। यूजर डेवलपमेंट चार्ज एयरपोर्ट के मॉडर्नाइजेशन के लिए लिया जाता है।
कॉमन यूजर टर्मिनल इक्विपमेंट शुल्क
यात्रियों को 'कॉमन यूजर टर्मिनल इक्विपमेंट' (CUTE) शुल्क भी देना होता है। CUTE हवाई अड्डे पर मेटल डिटेक्टिंग मशीन, एस्केलेटर और अन्य उपकरणों के उपयोग के लिए वसूला जाता है। CUTE शुल्क को कभी-कभी पैसेंजर हैंडलिंग चार्ज भी कहा जाता है। अलग-अलग हवाई अड्डे पर ये शुल्क अलग-अलग होते हैं।
एयरलाइन फ्यूल चार्ज
फ्लाइट टिकट में एयरलाइन फ्यूल चार्ज भी शामिल होता है। एयरलाइन कंपनियां कभी-कभी बेस किराए के ऊपर ‘एयरलाइन फ्यूल चार्ज’ या ‘फ्यूल सरचार्ज’ लगाकर ग्राहकों पर फ्यूल की बढ़ी हुई कॉस्ट का बोझ डालती हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस अप्रैल 2021 से फ्लाइट टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज कॉस्ट वसूल रही हैं।
