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पाकिस्तान में फ्लाइट किराये में जबरदस्त इजाफा, 28000 रुपये तक बढ़े टिकट के दाम

Pakistan Airfare Hike: पाकिस्तान में हवाई यात्रा अब महंगी हो गई है। हाल ही में एयरलाइन कंपनियों ने टिकटों के दाम बढ़ा दिए हैं। इसके पीछे मुख्य कारण जेट ईंधन (Jet Fuel) की कीमतों में इजाफा है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए अब पहले से काफी ज्यादा हो गए हैं, जिससे यात्रियों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है।

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पाकिस्तान में महंगी हुई हवाई यात्रा (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Pakistan Airfare Hike: पाकिस्तान में हवाई यात्रा करने वालों के लिए महंगाई का दौर बढ़ गया है। देश में हवाई किराए में हाल ही में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे मुख्य वजह जेट ईंधन की कीमतों में हालिया इजाफा है। एयरलाइंस ने यात्रियों से लिए जाने वाले टिकटों की कीमतों को बढ़ाकर नए स्तर पर पहुंचा दिया है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के प्रमुख शहरों के बीच उड़ानों के घरेलू किराए अब पहले से कहीं अधिक हो गए हैं। कराची से लाहौर, इस्लामाबाद और अन्य प्रमुख शहरों के लिए टिकटों की कीमतों में प्रति टिकट 2,800 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि जेट ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। यात्रियों के लिए यह बढ़ोतरी सीधे उनके यात्रा बजट पर असर डालती है। पहले जहां घरेलू फ्लाइट का टिकट आमतौर पर 10,000 से 15,000 रुपये के बीच होता था, अब यह बढ़कर 17,000 से 20,000 रुपये या उससे अधिक हो गया है। इस वृद्धि से आम आदमी के लिए हवाई यात्रा करना महंगा और मुश्किल हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए भी बढ़े

सिर्फ घरेलू ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में भी बड़ा इजाफा हुआ है। पाकिस्तान से विदेश जाने वाले यात्रियों को अब ज्यादा भुगतान करना होगा। अंतरराष्ट्रीय टिकटों की कीमतों में प्रति टिकट 10,000 रुपये से लेकर 28,000 रुपये तक की वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से, मध्य पूर्व और मध्य एशिया के लिए उड़ानों में करीब 15,000 रुपये तक का इजाफा हुआ है। वहीं, टोरंटो और मैनचेस्टर जैसे दूरदराज के गंतव्यों के लिए किराए में 28,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। अब एकतरफा इकोनॉमी क्लास का टिकट टोरंटो और मैनचेस्टर के लिए 2,50,000 रुपये से अधिक हो गया है।

जेट ईंधन की बढ़ती कीमतें

एयरलाइन कंपनियों के अनुसार, इस महंगाई के पीछे मुख्य कारण जेट ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी है। हाल ही में जेट ईंधन की कीमत में 154 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई, जिससे अब इसकी कीमत 342 रुपये प्रति लीटर हो गई है। ईंधन की लागत हवाई यात्रा में सबसे बड़ी खर्च की वस्तु होती है, और जब इसकी कीमत बढ़ती है, तो एयरलाइंस को अपने खर्च को कवर करने के लिए टिकट के दाम बढ़ाने पड़ते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम एयरलाइन कंपनियों के लिए आवश्यक है, लेकिन यात्रियों के लिए यह भारी पड़ता है। कई लोग अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर खर्च कम करने के लिए विकल्प खोज रहे हैं, जैसे ट्रेन या बस का उपयोग करना।

यात्रियों की प्रतिक्रिया और प्रभाव

यात्री इस बढ़ोतरी से खासा चिंतित हैं। कई लोग सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हवाई यात्रा अब आम आदमी के लिए बहुत महंगी हो गई है। व्यापारिक यात्रियों और विदेश जाने वाले छात्रों के लिए भी यह वृद्धि एक बड़ी चुनौती बन गई है। इसके अलावा, पर्यटन क्षेत्र पर भी इसका असर पड़ सकता है। महंगे टिकटों के कारण विदेशी और घरेलू पर्यटक हवाई यात्रा को कम प्राथमिकता दे सकते हैं, जिससे एयरलाइन और पर्यटन उद्योग दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

कुल मिलाकर, पाकिस्तान में हवाई यात्रा अब पहले से अधिक महंगी हो गई है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में भारी बढ़ोतरी ने यात्रियों की जेब पर दबाव डाल दिया है। जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण यह स्थिति बनी है, और आने वाले समय में अगर ईंधन की कीमतें और बढ़ती हैं, तो हवाई यात्रा और महंगी हो सकती है। यात्रियों को अब बजट की योजना बनाते समय इस बढ़ोतरी को ध्यान में रखना होगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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