Ola Electric IPO: ई-स्कूटर बनाने वाली कंपनी ओला इलेक्ट्रिक अपना IPO लाने वाली है। कंपनी ने हाल ही में बाजार नियामक सेबी के पास शुरुआती दस्तावेज जमा कराएं हैं। यह 20 से अधिक साल में भारत में किसी वाहन विनिर्माता का पहला आईपीओ होगा। वहीं 2008 के बाद पहली बार टू-व्हीलर्स बेचने वाली किसी कंपनी का आईपीओ आएगा। साल 2008 में बजाज ऑटो का आईपीओ आया था। सेबी के पास जमा कराए डॉक्यूमेंट के मुताबिक आईपीओ में 5,500 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे और 9,51,91,195 इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल होगी। यहां हम आपको ओला इलेक्ट्रिक आईपीओ के बारे में 5 बातें बता रहे हैं जो आपको जानना जरूरी है।
1. IPO डेट
अभी कंपनी की तरफ से आईपीओ की तारीखों को लेकर ऐलान नहीं किया है। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल के शुरुआती महीनों में कंपनी का आईपीओ बाजार में दस्तक दे सकता है।
2. IPO रिजर्वेशन
यह इश्यू बुक बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए बनाया गया है। जहां 75 प्रतिशत से कम रिजर्वेशन क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशन बायर्स के लिए नहीं हो सकता। वहीं, 15 प्रतिशत से अधिक नॉन इंस्टीट्यूशन इन्वेस्टर्स के लिए और 10 प्रतिशत से अधिक रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित नहीं किया जा सकता है।
3.आईपीओ से जुड़ी खास बातें
कंपनी 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले 95,191,195 फ्रेश शेयर जारी कर सकती है। ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार ओला इलेक्ट्रिक के फाउंडर भावेश अग्रवाल 47.4 मिलियन शेयर बेचेंगे। बता दें, अग्रवाल ने 45 लाख रुपये का निवेश पुणे की ईवी स्टार्ट-अप कंपनी टॉर्क मोटरसाइकिल में किया है।
4. कंपनी का प्रोड्क्ट पोर्टफोलियो
ओला इलेक्ट्रिक ने अगस्त 2021 में अपना पहला ईवी स्कूटर - एस1 प्रो पेश किया और वर्तमान में उसके पास पांच स्कूटर मॉडल का पोर्टफोलियो है। ओला इलेक्ट्रिक ने अपना पहला ईवी स्कूटर पेश करने के नौ महीने के भीतर, भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला ई-टूव्हीलर बन गया। डीआरएचपी के अनुसार, 30 जून, 2023 को समाप्त तीन महीने की अवधि तक, इसकी E2W बाजार हिस्सेदारी 31 प्रतिशत है और इसका लक्ष्य विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ईवी निर्यात करना है।5. वित्त वर्ष 2023 रेवेन्यू बड़ा लेकिन घाटा बढ़ा
वित्त वर्ष 2023 के दौरान कंपनी का रेवन्यू 2630.93 करोड़ रुपये रहा है। जोकि एक साल पहले 372.41 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी की वित्तीय स्थिति महज एक साल में बदल गई। और रेवन्यू में 7 गुना इजाफा हो गया। हालांकि, कंपनी का घाटा भी बढ़ा है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का नेट लॉस 1472 करोड़ रुपये रहा था। जोकि एक साल पहले 784.1 करोड़ रुपये था।
