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Crude Oil: ट्रंप के फैसले से कच्चे तेल के दाम धड़ाम! गिरकर 109 डॉलर पर पहुंचा रेट

Crude Oil में गिरावट से दुनिया भर के बाजारों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले कुछ समय से मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार आसमान छू रही थीं।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार से आम उपभोक्ताओं और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर आ रही है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े फैसले के बाद कच्चे तेल के दाम धड़ाम हो गए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेंचमार्क माना जाने वाला Brent Crude Oil का भाव गिरकर 109 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। इस गिरावट से दुनिया भर के बाजारों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले कुछ समय से मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार आसमान छू रही थीं।

ट्रंप के किस फैसले से पलटा बाजार का रुख?

कच्चे तेल की कीमतों में आई इस अचानक गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह फैसला है, जिसमें उन्होंने ईरान पर होने वाले संभावित सैन्य हमले को फिलहाल रोक दिया है। दरअसल, पिछले कई दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव चरम पर था, और बाजार को डर था कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो खाड़ी देशों से होने वाली कच्चे तेल की सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है। इस डर से कच्चे तेल के दाम तेजी से भाग रहे थे। लेकिन जैसे ही ट्रंप ने हमले को टालने और कूटनीतिक बातचीत को मौका देने का रुख अपनाया, बाजार से युद्ध का डर गायब हो गया और कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली।

भारत पर क्या होगा इसका असर?

भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से आयात (Import) करता है। इसलिए, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और यहां के घरेलू बाजार पर पड़ता है। पिछले कुछ दिनों में देश के भीतर सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दो बार बड़ी बढ़ोतरी की है, जिससे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत देश के कई बड़े शहरों में ईंधन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं। ऐसे में ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल का 109 डॉलर पर आना भारत के लिए राहत भरा संकेत है।

क्या सस्ते होंगे पेट्रोल और डीजल के दाम?

कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट के बाद अब आम जनता के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या देश में पेट्रोल और डीजल के दाम कम होंगे? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम घटने से सरकारी तेल कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) का आयात खर्च कम हो जाएगा। हालांकि, घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत कम होंगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की यह गिरावट कितने दिनों तक स्थिर रहती है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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