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NSE IPO पर आया बड़ा अपडेट, 9 साल बाद फिर ट्रैक पर लिस्टिंग की योजना

NSE IPO को लेकर बड़ा अपडेट, मार्केट रेगुलेटर SEBI के पैनल ने एक मामले में NSE के सेटलमेंट प्रस्ताव को मंजूरी दी है। IPO 2016 से अटका है। लेकिन, अब आगे बढ़ सकता है।

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दूर हुई बड़ी बाधा

NSE IPO को लेकर SEBI ने बड़ी राहत दी है। देश के सबसे बड़े स्टॉक मार्केट एक्सचेंज का IPO करीब 9 साल से अटका हुआ है।अब आखिरकार आगे बढ़ने की राह पर दिख रहा है। SEBI के एक्सपर्ट पैनल ने ₹1,800 करोड़ के सेटलमेंट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे लंबे समय से चल रहे कानूनी और रेगुलेटरी अड़चनें खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है।

SEBI पैनल से मिली अहम मंजूरी

National Stock Exchange के IPO को लेकर बड़ा ब्रेकथ्रू सामने आया है। Securities and Exchange Board of India के एक्सपर्ट पैनल ने कोलोकेशन और डार्क फाइबर मामलों में करीब ₹1,800 करोड़ के सेटलमेंट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

यह मामला लंबे समय से NSE के IPO के लिए सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था, जिसे अब खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

अब अगले चरण में क्या होगा

इस प्रस्ताव को अब Sebi के दो होल-टाइम मेंबर्स के सामने अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। अगर यहां से भी हरी झंडी मिलती है, तो NSE IPO का रास्ता लगभग साफ हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह फैसला रेगुलेटरी अनिश्चितता को कम करेगा और बाजार में भरोसा बढ़ाएगा।

2016 से अटका है IPO

NSE ने पहली बार 18 अक्टूबर 2016 को IPO के लिए आवेदन किया था, लेकिन कोलोकेशन विवाद, गवर्नेंस से जुड़े सवाल और टेक्नोलॉजी इश्यूज के चलते Sebi ने इसे मंजूरी नहीं दी। इसके बाद कई बार कोशिशों के बावजूद IPO आगे नहीं बढ़ पाया।

500 करोड़ बढ़ी सेटलमेंट की रकम

पिछले साल NSE ने करीब ₹1300 करोड़ में मामलों को सुलझाने का प्रस्ताव दिया था, जिसमें कोलोकेशन केस के लिए ₹1,165 करोड़ और डार्क फाइबर केस के लिए ₹223 करोड़ शामिल थे। अब इस राशि को बढ़ाकर ₹1,800 करोड़ कर दिया गया है, जो भारत में अब तक का सबसे बड़ा सेटलमेंट माना जा रहा है।

बाजार और निवेशकों के लिए क्या मतलब

अगर यह सेटलमेंट अंतिम मंजूरी पा लेता है, तो NSE IPO भारत के सबसे बड़े और चर्चित इश्यूज में से एक बन सकता है। यह कदम बाजार में पारदर्शिता और रेगुलेटरी स्पष्टता को भी मजबूत करेगा, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। करीब एक दशक से लंबित NSE IPO अब निर्णायक मोड़ पर है। Sebi की मंजूरी मिलने के बाद यह इश्यू जल्द ही बाजार में आ सकता है, जो भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक बड़ा माइलस्टोन साबित हो सकता है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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