NSE IPO Update: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का बहुप्रतीक्षित IPO अब तेजी से आगे बढ़ता दिख रहा है। एक्सचेंज ने मेगा शेयर बिक्री के लिए 20 इन्वेस्टमेंट बैंकर और 8 लॉ फर्म नियुक्त कर दी हैं। अनुमान है कि करीब ₹20,000 करोड़ के इस IPO में कंपनी की वैल्यूएशन 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
मेगा IPO की दिशा में बड़ा कदम
करीब एक दशक की लंबी देरी के बाद अब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की लिस्टिंग प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। एक्सचेंज ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO के लिए 20 मर्चेंट बैंकर और 8 लॉ फर्म नियुक्त करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह कदम IPO प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब इन बैंकों में से कुछ को लीड बैंकर चुना जाएगा, जो इश्यू की प्राइसिंग, स्ट्रक्चर और टाइमलाइन तय करेंगे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है।
विदेशी और घरेलू बैंकों की बड़ी भागीदारी
NSE के IPO को मैनेज करने के लिए कई ग्लोबल और भारतीय इन्वेस्टमेंट बैंक शामिल किए गए हैं। विदेशी बैंकों में Morgan Stanley, Citi, JP Morgan और HSBC Securities जैसे बड़े नाम शामिल हैं। घरेलू बैंकों और इन्वेस्टमेंट फर्मों में Kotak Mahindra Capital, JM Financial, Axis Capital, IIFL Capital, Motilal Oswal Investment Advisors, ICICI Securities, SBI Capital Markets और Nuvama Wealth Management जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं। इनके अलावा Avendus Capital, IDBI Capital, Anand Rathi Advisors, DAM Capital Advisors, Pantomath Capital Advisors और Equirus Capital जैसे संस्थानों को भी इस इश्यू के लिए चुना गया है।
₹20,000 करोड़ तक हो सकता है IPO का आकार
सूत्रों के मुताबिक NSE का IPO पूरी तरह Offer For Sale (OFS) के जरिए लाया जा सकता है। इसका मतलब है कि कंपनी नई पूंजी नहीं जुटाएगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे। अनुमान है कि इस IPO में करीब 4% से 4.5% हिस्सेदारी बेची जा सकती है। मौजूदा अनलिस्टेड शेयर कीमतों के आधार पर इसका कुल आकार करीब ₹20,000 करोड़ तक पहुंच सकता है। इतने बड़े आकार के कारण ही बड़ी संख्या में इन्वेस्टमेंट बैंकरों को इस इश्यू में शामिल किया गया है, ताकि वैश्विक और घरेलू निवेशकों तक ऑफर को व्यापक तरीके से पहुंचाया जा सके।
5 लाख करोड़ रुपये वैल्यूएशन की चर्चा
अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयरों की भारी मांग देखी जा रही है। मौजूदा अनलिस्टेड शेयर प्राइस के आधार पर एक्सचेंज की संभावित वैल्यूएशन करीब ₹5 लाख करोड़ या उससे अधिक आंकी जा रही है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो NSE भारत की सबसे वैल्यूएबल फाइनेंशियल मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल हो सकता है। यह वैल्यूएशन कई बड़े सूचीबद्ध वित्तीय संस्थानों के बराबर या उससे अधिक हो सकती है।
लंबे इंतजार के बाद आगे बढ़ी लिस्टिंग प्रक्रिया
NSE की लिस्टिंग लंबे समय से नियामकीय कारणों से अटकी हुई थी। हाल ही में बाजार नियामक SEBI से “नो ऑब्जेक्शन” मिलने के बाद प्रक्रिया को दोबारा गति मिली। इसके बाद एक्सचेंज बोर्ड ने फरवरी में लिस्टिंग योजना को मंजूरी दी और IPO कमेटी का गठन किया। इसके साथ ही अब एक्सचेंज के सार्वजनिक होने की राह लगभग साफ हो गई है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चलता है तो आने वाले महीनों में यह IPO भारतीय पूंजी बाजार के सबसे चर्चित और बड़े इश्यू में से एक बन सकता है।
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