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NSE On F&O : रिटेल निवेशक F&O कारोबार को लेकर रहें सतर्क, NSE प्रमुख ने जानें क्यों किया आगाह

NSE On F&O : एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार चौहान ने यहां एक कार्यक्रम में कहा है कि रिटेल निवेशकों को एफएंडओ कारोबार में हिस्सा नहीं लेना चाहिए। उन्हें म्यूचुअल फंड के जरिए शेयरों में निवेश करना चाहिए।उन्होंने आगाह किया कि डेरिवेटिव की अपनी उपयोगिता तो है, लेकिन इसमें केवल उन्हीं लोगों को निवेश करना चाहिए जो जोखिमों को पूरी तरह समझते हैं और उनसे निपटने की क्षमता रखते हैं।

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फ्यूचर एंड ऑप्शन पर रिटेल निवेशक रहें सतर्क

Photo : iStock

NSE On F&O : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रमुख आशीष कुमार चौहान ने खुदरा निवेशकों को डेरिवेटिव में कारोबार करने को लेकर शुक्रवार को आगाह किया और उन्हें म्यूचुअल फंड के जरिए शेयरों में निवेश करने का सुझाव दिया।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वायदा एवं विकल्प (F&O) डेरिवेटिव में कारोबार केवल इन्फॉर्मेंड निवेशकों तक ही सीमित होना चाहिए, जो जोखिम से निपट सकें और बाजार को समझ सकें।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन ने हाल ही में खुदरा निवेशकों के लिए एफएंडओ कारोबार के बढ़ते जोखिम की ओर इशारा किया था। नवंबर 2023 में सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच ने भी निवेशकों को एफएंडओ पर भारी दांव लगाने को लेकर आगाह कर चुकी हैं।

क्या है खतरा

एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी चौहान ने यहां एक कार्यक्रम में कहा है कि रिटेल निवेशकों को एफएंडओ कारोबार में हिस्सा नहीं लेना चाहिए। उन्हें म्यूचुअल फंड के जरिए शेयरों में निवेश करना चाहिए।उन्होंने आगाह किया कि डेरिवेटिव की अपनी उपयोगिता तो है, लेकिन इसमें केवल उन्हीं लोगों को निवेश करना चाहिए जो जोखिमों को पूरी तरह समझते हैं और उनसे निपटने की क्षमता रखते हैं। जिन लोगों में यह समझ या जोखिम उठाने की क्षमता नहीं है, उन्हें डेरिवेटिव कारोबार से बचना चाहिए।इसके बावजूद, लाभ की संभावना और बढ़ते कारोबार दायरे के कारण ‘एफएंडओ ट्रेडिंग’ की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।

रिटेल निवेशक लगा रहे हैं बड़ा दांव

भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से अक्सर नए रिकॉर्ड बना रहा है। और इस बड़ी तेजी की वजह रिटेल निवेशकों की न केवल बड़ी संख्या में शेयर बाजार में निवेश करना है बल्कि उनका स्मार्ट निवेश फैसला भी है। और यही कारण है कि उनका खरीद और बिक्री का फैसला बड़े निवेशकों जैसा दिखाई देता है। उदाहरण के लिए एग्जिट पोल के नतीजों के कारण 3 जून को शेयर बाजार में बड़ी तेजी हुई। एनएसई के डेटा के अनुसार, इस दिन रिटेल निवेशकों ने 8,588 करोड़ रुपये की बिकवाली की।वहीं, एफआईआई और म्यूचुअल फंड्स ने इस दौरान 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश किया था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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