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Fish Delivery by Drone: अब हवा में 'उड़ेंगी मछलियां' ! ड्रोन से होगी डिलिवरी, ये है तैयारी

Fish Delivery by Drone: केंद्र सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि दुर्गम इलाकों में एग्रीगेटर से वितरण बिंदु, जहां से डिस्ट्रिब्यूशन होगा, तक मछली ले जाने का काम बहुत जल्द ड्रोन के जरिए होता नजर आएगा। मछली पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के सचिव (मत्स्य पालन) डॉ. अभिलक्ष लिखी के अनुसार, जीवित मछली परिवहन के लिए इस समय ड्रोन तकनीक पर एक पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य 70 किलोग्राम पेलोड ड्रोन विकसित करना है, जो दुर्गम इलाकों में जीवित मछली ले जाने में सक्षम हो।

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मछलियों की डिलिवरी ड्रोन से

KEY HIGHLIGHTS
  • ड्रोन से मछलियां होंगी सप्लाई
  • ड्रोन करेगा डिलिवरी
  • टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने पर जोर

Fish Delivery by Drone: केंद्र सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि दुर्गम इलाकों में एग्रीगेटर से वितरण बिंदु, जहां से डिस्ट्रिब्यूशन होगा, तक मछली ले जाने का काम बहुत जल्द ड्रोन के जरिए होता नजर आएगा। मछली पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के सचिव (मत्स्य पालन) डॉ. अभिलक्ष लिखी के अनुसार, जीवित मछली परिवहन के लिए इस समय ड्रोन तकनीक पर एक पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य 70 किलोग्राम पेलोड ड्रोन विकसित करना है, जो दुर्गम इलाकों में जीवित मछली ले जाने में सक्षम हो।

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मत्स्य पालन क्षेत्र को आगे बढ़ाना है मकसद

एक कार्यक्रम में, डॉ. लिखी ने राज्यों से इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थागत तालमेल के जरिए मत्स्य पालन क्षेत्र को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सहयोगी प्रयासों को मजबूत करने का आग्रह किया।

मछुआरों की सुरक्षा और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग पर जोर दिया गया, जिसमें रिसोर्स मैपिंग, बायोमेट्रिक पहचान और चेहरे की पहचान जैसे पहलू शामिल हैं।

टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने पर जोर

ग्रीन और ब्लू सस्टेनेबिलिटी सिद्धांतों से जुड़ी स्मार्ट, इंटीग्रेटेड मछली पकड़ने के बंदरगाहों और मॉडर्न फिश मार्केट के विकास को भविष्य की प्रमुख प्राथमिकता के रूप में पहचाना गया। उन्होंने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) और सपोर्टिव सब्सिडी स्ट्रक्चर के माध्यम से ड्रोन पहल को मजबूत करने का भी आह्वान किया।

आईसीएआर संस्थानों के समर्थन से एडवांस मत्स्य पालन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, प्रॉसेसिंग, मार्केटिंग और पैकेजिंग पर विशेष रूप से क्लस्टर डेवलपमेंट और एक संपन्न स्टार्टअप इकोसिस्टम के जरिए मजबूत फोकस को प्रोत्साहित किया गया।

और क्या है प्लान

मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए 'अमृत सरोवर' का लाभ उठाने पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें राज्यों से सक्रिय समर्थन मांगा गया। विशेषज्ञों ने सजावटी मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और समुद्री शैवाल की खेती और कृत्रिम चट्टानों के विकास का भी आह्वान किया, जिससे इन उभरते क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा मिले।

सजावटी मत्स्य पालन का मतलब आकर्षक और रंगीन मछलियों को पालने से है, जो अक्सर एक्वेरियम जैसे छोटे जलीय वातावरण में रखी जाती हैं। मत्स्य पालन विभाग के संयुक्त सचिव (अंतरदेशीय) सागर मेहरा ने अंतरदेशीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंतरदेशीय मत्स्य पालन से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डाला।

वन विभाग की संयुक्त सचिव (समुद्री) नीतू कुमारी प्रसाद ने मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट बंदरगाहों और प्रजातियों के विविधीकरण के विकास के महत्व पर जोर दिया। (इनपुट - आईएएनएस)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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