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अमेरिका-भारत ट्रेड डील: किसानों और मछुआरों के हितों से नहीं किया कोई समझौता, बोले पीयूष गोयल

India-US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक मजबूत और देशहित में ट्रेड डील की है। यह समझौता अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है और इसमें किसानों, डेयरी सेक्टर व मछुआरों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है।

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भारत–अमेरिका ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का बयान (तस्वीर-X)

India-US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ जो ट्रेड डील की है, वह देश के हितों को ध्यान में रखकर की गई है। उन्होंने दावा किया कि यह समझौता अमेरिका द्वारा अन्य पड़ोसी देशों के साथ की गई ट्रेड डील्स की तुलना में कहीं ज्यादा बेहतर है। इस डील में भारत के किसानों, डेयरी सेक्टर से जुड़े लोगों और मछुआरों के हितों से किसी तरह का समझौता नहीं किया गया है।

राष्ट्रीय हित सर्वोपरि: गोयल

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा राष्ट्रीय हित को सबसे ऊपर रखा है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने अच्छे संबंधों और दोस्ती का इस्तेमाल करते हुए भारत के लिए एक मजबूत और फायदेमंद ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया। गोयल के मुताबिक, यह डील भारत की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी।

श्रम-प्रधान सेक्टर को होगा बड़ा फायदा

पीयूष गोयल ने कहा कि इस ट्रेड डील से देश के श्रम-प्रधान सेक्टरों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल, लेदर, सीफूड, रत्न और आभूषण जैसे सेक्टरों को अमेरिका के बाजार में अपने उत्पाद निर्यात करने के बड़े अवसर मिलेंगे। इससे न केवल निर्यात बढ़ेगा, बल्कि इन क्षेत्रों में रोजगार के नए मौके भी पैदा होंगे।

इंजीनियरिंग गुड्स और ऑटो सेक्टर को राहत

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इंजीनियरिंग गुड्स सेक्टर को भी इस समझौते से बड़ा फायदा होगा। इसमें ऑटो कंपोनेंट्स और अन्य इंजीनियरिंग उत्पाद शामिल हैं। अमेरिका जैसे बड़े बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच आसान होने से इस सेक्टर की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी और उद्योग को नई गति मिलेगी।

MSME सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

गोयल ने खास तौर पर एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर का जिक्र करते हुए कहा कि यह सेक्टर देश में सबसे ज्यादा रोजगार पैदा करता है। ट्रेड डील के तहत टैरिफ कम होने से एमएसएमई सेक्टर से होने वाला निर्यात ज्यादा प्रतिस्पर्धी होगा। इससे छोटे उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में टिकने और आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

लंबे समय से अटकी थी बातचीत

पीयूष गोयल ने बताया कि यह ट्रेड डील अधिकारियों और मंत्रियों के स्तर पर लंबे समय से बातचीत में अटकी हुई थी और किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद हस्तक्षेप कर इस डील को फाइनल कराया, जिससे भारत को नुकसान से बचाया जा सका।

50 फीसदी टैरिफ से हो रहा था नुकसान

गोयल ने तर्क दिया कि इस व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना बेहद जरूरी था, क्योंकि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत तक के ऊंचे टैरिफ के कारण भारत को भारी नुकसान हो रहा था। खास तौर पर खाद्य पदार्थों और वस्त्र जैसे श्रम-प्रधान उत्पादों के अमेरिकी निर्यात पर इसका बुरा असर पड़ रहा था।

प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद

पीयूष गोयल ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की ओर से मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं। यह ट्रेड डील भारत के आर्थिक विकास को नई दिशा देगी और किसानों, गरीबों, मछुआरों, महिलाओं और युवाओं के लिए कई नए अवसर लेकर आएगी।

राहुल गांधी पर साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे हैं और उन्हें भारत के विकास की कोई चिंता नहीं है। गोयल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भारत दुनिया की पांच सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया था। उन्होंने दावा किया कि अगर राहुल गांधी की सोच लागू हुई तो देश फिर उसी स्थिति में लौट सकता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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