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बजट 2026 में इनकम टैक्स पर राहत नहीं मिली तो क्या हुआ? आम आदमी को तो मिल गए ये 20 बड़े तोहफे

बजट 2026 को लेकर मिडिल क्लास की सबसे बड़ी उम्मीद 'इनकम टैक्स' में कटौती को लेकर थी, लेकिन टैक्स स्लैब में बदलाव न होने के बावजूद यह बजट आम आदमी के लिए खुशियों का पिटारा साबित हुआ है। वित्त मंत्री ने इस बार सीधा टैक्स बचाने के बजाय 'लिविंग कॉस्ट' (रहने का खर्च) घटाने और सुविधाओं का जाल बिछाने पर ध्यान दिया है।

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Common Man Relief

जब भी बजट पेश होता है, मध्यम वर्ग की सबसे पहली नजर 'इनकम टैक्स स्लैब' पर होती है। इस बार बजट 2026 में टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव न देखकर कुछ लोग निराश जरूर हुए, लेकिन अगर हम बारीकी से देखें, तो सरकार ने टैक्स की बचत के बजाय 'खर्च कम करने' और 'सुविधाएं बढ़ाने' पर ज्यादा जोर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट के जरिए आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने के लिए 20 ऐसी बड़ी घोषणाएं की हैं, जो सीधे आपकी जेब और जीवन स्तर पर सकारात्मक असर डालेंगी।

कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर का नया दौर

सरकार का इस बार सबसे बड़ा फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर है, जिसके लिए रिकॉर्ड 12.2 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसमें 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान शामिल है, जिससे बड़े शहरों के बीच की दूरी कम होगी और व्यापार को रफ्तार मिलेगी। सिर्फ बड़े शहर ही नहीं, बल्कि Tier-2 और Tier-3 शहरों के विकास के लिए भी बड़ी राशि आवंटित की गई है, ताकि छोटे कस्बों के युवाओं को काम के लिए महानगरों की ओर न भागना पड़े। वहीं प्रदूषण कम करने के लिए पूर्वी भारत में 4000 नई ई-बसें चलाने की योजना है, जिससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट सस्ता और सुलभ होगा।

सेहत और शिक्षा पर सरकार का बड़ा निवेश

इलाज के खर्च को कम करना आम आदमी के लिए सबसे बड़ी राहत होती है। बजट में 17 कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म कर दी गई है, जिससे जीवनरक्षक दवाइयां काफी सस्ती हो जाएंगी। इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य के लिए NIMHANS-2 की स्थापना और जिला अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर बनाने का फैसला स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुँचाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में, हर जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाने का निर्णय लिया गया है, जो सीधे तौर पर स्किल्ड रोजगार को बढ़ावा देगा। साथ ही, 1.5 लाख केयरगिवर्स की ट्रेनिंग से स्वास्थ्य सेवाओं में नौकरी के नए अवसर पैदा होंगे।

किसानों और महिलाओं के लिए खास सौगात

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने खेती का स्वरूप बदलने का फैसला लिया है। अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ नारियल, काजू और बादाम जैसी हाई-वैल्यू फसलों के लिए विशेष योजनाएं लाई जा रही हैं। किसानों को तकनीक से जोड़ने के लिए 'Bharat-VISTAAR AI' टूल पेश किया गया है, जो मौसम और बाजार की सटीक जानकारी देगा। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 'SHE-Marts' की शुरुआत की जाएगी, जहाँ ग्रामीण महिलाएं अपने उत्पाद सीधे बेच सकेंगी। यह कदम महिला उद्यमिता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

रोजमर्रा की चीजें होंगी सस्ती और सुलभ

मिडिल क्लास परिवारों के लिए एक और राहत की खबर यह है कि माइक्रोवेव ओवन के पुर्जों पर ड्यूटी घटने से इनकी कीमतें कम होंगी। पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 15 ऐतिहासिक स्थलों का विकास और 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लोकल बिजनेस और रोजगार को नई ताकत मिलेगी। दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए आधुनिक डिवाइस उपलब्ध कराने हेतु 'दिव्यांग सहारा योजना' भी सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है। विदेश से आप निजी इस्तेमाल का सामान लाते हैं, तो उस पर भी कस्टम ड्यूटी में राहत दी गई है।

आम आदमी को मिले 20 तोहफे

1. 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: बड़े शहरों के बीच सफर अब और भी तेज और आसान होगा।

2. कैंसर की दवाइयां सस्ती: 17 जीवनरक्षक कैंसर दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म, इलाज का खर्च होगा कम।

3. Tier-2 और Tier-3 शहरों का विकास: छोटे शहरों में बेहतर सड़क, पानी और आवास की सुविधाएं मिलेंगी।

4. रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर: ₹12.2 लाख करोड़ के खर्च से नए पुल, हाईवे और रोजगार के मौके बनेंगे।

5. छात्राओं के लिए हर जिले में हॉस्टल: उच्च शिक्षा (STEM) के लिए लड़कियों को अब घर से दूर रहने में आसानी होगी।

6. माइक्रोवेव ओवन होंगे सस्ते: पुर्जों पर ड्यूटी घटने से किचन अप्लायंसेज की कीमतें कम होंगी।

7. 5 ग्लोबल हेल्थ हब: बेहतर इलाज और रिसर्च के लिए देश में 5 बड़े क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे।

8. 1.5 लाख केयरगिवर्स की ट्रेनिंग: बुजुर्गों की देखभाल के लिए ट्रेंड प्रोफेशनल मिलेंगे और नई नौकरियां पैदा होंगी।

9. किसानों के लिए 'Bharat-VISTAAR AI': मौसम और बाजार की सटीक जानकारी के लिए नया डिजिटल टूल।

10. 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप: पढ़ाई के साथ-साथ सीधे इंडस्ट्री में इंटर्नशिप और नौकरी के अवसर।

11. SHE-Marts की शुरुआत: ग्रामीण महिलाओं के सामान को बेचने के लिए खास रिटेल स्टोर बनाए जाएंगे।

12. नारियल, काजू और बादाम पर फोकस: इन फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना।

13. दिव्यांग सहारा योजना: दिव्यांगों के लिए आधुनिक व्हीलचेयर और असिस्टिव डिवाइस आसानी से मिलेंगे।

14. NIMHANS-2 की स्थापना: मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नया संस्थान खुलेगा।

15. 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को ट्रेनिंग: पर्यटन क्षेत्र में युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

16. 15 ऐतिहासिक स्थलों का कायाकल्प: डिजिटल गाइड्स और आधुनिक सुविधाओं से पर्यटन बढ़ेगा।

17. खेलों के लिए बड़ा बजट: छोटे शहरों से नए खिलाड़ियों को निकालने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।

18. पूर्वी भारत में 4000 ई-बसें: प्रदूषण मुक्त और सस्ता पब्लिक ट्रांसपोर्ट अब छोटे राज्यों तक पहुंचेगा।

19. पर्सनल इंपोर्ट में राहत: विदेश से निजी इस्तेमाल का सामान लाने पर कस्टम ड्यूटी में कटौती।

20. जिलों में ट्रॉमा केयर सेंटर: दुर्घटना के समय तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पतालों में आधुनिक सेंटर बनेंगे।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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