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Dharavi Redevelopment: धारावी के गैर सरकारी संगठनों ने पुनर्विकास सर्वेक्षण का समर्थन किया, फिर कौन कर रहा विरोध

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Sep 1, 2024, 03:17 PM IST

Dharavi Redevelopment: ग्लोबल गिविंग फाउंडेशन और अखिल भारतीय पुलिस जन सेवा संगठन के नूर मोहम्मद खान ने प्राधिकरण से 13 सवाल पूछे हैं। सर्वेक्षण को समर्थन देते हुए एनलाइटन फाउंडेशन ने 20 अगस्त को डीआरपी के सीईओ एसवीआर श्रीनिवास को पत्र लिखा और कहा कि निवासी तथा वाणिज्यिक परिसर के मालिक परियोजना या सर्वेक्षण के खिलाफ नहीं हैं।

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धारावी पुनर्विकास सर्वेक्षण

Photo : iStock

Dharavi Redevelopment: धारावी में काम करने वाले कई गैर-सरकारी संगठनों ने एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती में अनौपचारिक किरायेदारों का पता लगाने के लिए चल रहे राज्य सरकार के सर्वेक्षण को अपना समर्थन देने की बात कही है। इस संगठनों ने आरोप लगाया है कि कुछ गैर-स्थानीय लोग गलत सूचना फैलाकर पुनर्विकास को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार के अधिकारियों को लिखे पत्रों में भी यह बात कही है।

सर्वे का समर्थन

गैर सरकारी संगठनों ने अदाणी समूह द्वारा लागू की जा रही तीन अरब अमेरिकी डॉलर की पुनर्विकास परियोजना की देखरेख करने वाली महाराष्ट्र सरकार की संस्था धारावी पुनर्विकास परियोजना/ स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (डीआरपी/एसआरए) को पत्र लिखकर सर्वेक्षण को अपना समर्थन दिया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण सहित अन्य विविध कल्याणकारी गतिविधियों में शामिल कुल आठ गैर सरकारी संगठनों और नागरिक कल्याण संघों ने धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपी) के सीईओ से मुलाकात की और क्षेत्र में जारी राज्य सरकार के नेतृत्व वाले सर्वेक्षण को समर्थन दिया।

ग्लोबल गिविंग फाउंडेशन और अखिल भारतीय पुलिस जन सेवा संगठन के नूर मोहम्मद खान ने प्राधिकरण से 13 सवाल पूछे हैं। इन सवालों में अदाणी समूह की इकाई द्वारा धारावी के पुनर्वास के लिए बनाए जाने वाले फ्लैटों के लिए मुफ्त रखरखाव की अवधि, जनवरी 2000 के बाद झुग्गी बस्तियों में रहने आए लोगों के लिए इंतजाम शामिल हैं। खान ने पीटीआई-भाषा से कहा कि उन्होंने पत्र लिखा है और सवाल पूछे हैं, जिनके जवाब देने का प्राधिकरण ने वादा किया है।

कौन कर रहा विरोध

सर्वेक्षण को समर्थन देते हुए एनलाइटन फाउंडेशन ने 20 अगस्त को डीआरपी के सीईओ एसवीआर श्रीनिवास को पत्र लिखा और कहा कि निवासी तथा वाणिज्यिक परिसर के मालिक परियोजना या सर्वेक्षण के खिलाफ नहीं हैं। एनलाइटन फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष राजेशकुमार पनीरसेल्वम ने कहा, 'सर्वेक्षण का विरोध केवल मुट्ठी भर लोग कर रहे हैं, जो पुनर्विकास के खिलाफ हैं और जिनके निहित स्वार्थ हैं। विरोध करने वाले अधिकांश लोग स्थानीय नहीं हैं और धारावी से बाहर रह रहे हैं तथा उन्हें धारावी के हालात के बारे में पता नहीं है।'

पनीरसेल्वम ने पीटीआई-भाषा से पुष्टि की कि उन्होंने उक्त पत्र लिखा है। धारावी के निवासी संघ छत्रपति शिवाजी महाराज सीएचएस ने अपने पत्र में सर्वेक्षण और पुनर्विकास परियोजना को आगे बढ़ाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि कई पीढ़ियां इस क्षेत्र के पुनर्विकास की प्रतीक्षा में गुजर गईं, लेकिन अब हम एक सकारात्मक कदम देख रहे हैं।' (इनपुट-भाषा)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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