साल 2025 की विदाई और नए साल की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कल से नए साल का आगाज हो जाएगा। नए साल में नए सपने को पूरा करने और जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए पर्सनल फाइनेंस के कुछ नियमों के बारे में जानना बहुत जरूरी है। अगर आप कुछ बातों का ख्याल रखेंगे तो पूरे साल टेंशन फ्री रहेंगे। पैसे की किल्लत नहीं होगी और बेहतर तरीके से कमाई के अनुसार खर्चें और निवेश की प्लानिंग कर पाएंगे। आइए आपको नए साल के लिए पर्सनल फाइनेंस के 5 गोल्डन नियम बताते हैं। इससे अपनाकर आप एक बेहतर भव्ष्यि की नींव रख सकते हैं।
इमरजेंसी फंड जरूर बनाएं
नए साल में आप कितना भी पैसा इन्वेस्ट करें, कुछ पैसा इमरजेंसी फंड के लिए जरूर रखें। यह पर्सनल फाइनेंस का सिद्धांत है जिसे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इमरजेंसी फंड आपको अचानक से आने वाले खर्चे के समय वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है।
इंश्योरेंस नहीं है तो जरूर ले लें
अगर आपने अपनी जरूरत के अनुसार इंश्योरेंस कवर नहीं लिया है तो नए साल में जरूर ले लें। हां, इंश्योरेंस को निवेश के रूप में नहीं लें। टर्म प्लान लें जो आपके परिवार को कवर करने के लिए काफी हो। निवेश के लिए दूसरे माध्यम का इस्तेमाल करें।
20% बचत की आदत जरूर डालें
आपको जितनी सैलरी मिलती है उसके अनुसार अपनी आय और व्यय को ध्यान में रखकर बजट बनाएं। किराया,ईएमआई,यूटिलिटी बिलों जैसे खर्चों के बाद कम से कम 20% बचत की आदत डालें। इस पैसे को लॉन्ग और मिड टर्म की जरूरत के अनुसार निवेश करें।
30% का क्रेडिट कार्ड नियम पालन करें
क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो आपके उपलब्ध क्रेडिट का वह प्रतिशत होता है जिसे आप किसी भी समय पर उपयोग कर रहे होते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपये है, और आपने एक महीने में उस पर 50,000 रुपये खर्च कर दिए हैं तो आपका सीयूआर 50% होगा। आम तौर पर इसे 30% से कम रखना चाहिए। इस साल इस रूल को बिल्कुल ब्रेक नहीं करें। ऐसा नहीं करेंगे तो आप कर्ज के जाल में फंसे रहेंगे।
समझदारी से लें कर्ज
बदलते दौर में आज बैंक झट से लोन देते हैं। इसके चलते युवाओं में कर्ज लेने की आदत तेजी से बढ़ी है। इस आदत से जरूर बचें। समझदारी से लोन लें और सिर्फ विशेष जरुरतों जैसे कि एजुकेशन, घर या इमरजेंसी की स्थितियों के लिए ही कर्ज लें। सुनिश्चित करें कि लोन या क्रेडिट कार्ड भुगतान की ईएमआई आपकी मासिक आय से मैनेज करने योग्य हो। पहले उच्च ब्याज वाले लोन को चुकाने को प्राथमिकता दें।
