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तुरंत चाहिए पैसा? भूलकर भी मत लें पर्सनल लोन, FD का यह सीक्रेट तरीका बचाएगा भारी ब्याज!

अचानक पैसों की किल्लत होने पर पर्सनल लोन लेने के बजाय अपनी एफडी (FD) का इस्तेमाल करना ज्यादा समझदारी भरा हो सकता है। जानिए एफडी के बदले लोन लेने के फायदे और ब्याज में भारी बचत का सीक्रेट तरीका।

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भूलकर भी मत लें पर्सनल लोन, FD का यह सीक्रेट तरीका बचाएगा भारी ब्याज!

जीवन में कई बार अचानक मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई या बिजनेस की जरूरतों के लिए तुरंत बड़े फंड की आवश्यकता पड़ जाती है। ऐसी स्थिति में ज्यादातर लोग सीधे पर्सनल लोन (Personal Loan) के लिए अप्लाई कर देते हैं या फिर अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को समय से पहले तोड़ (Premature Withdrawal) देते हैं। हालांकि, ये दोनों ही फैसले आर्थिक रूप से भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। जानकारों के मुताबिक, आपात स्थिति में फंड का इंतजाम करने का सबसे स्मार्ट तरीका 'लोन अगेंस्ट एफडी' (Loan Against FD) है, जो बेहद कम खर्च में तुरंत पैसे की कमी को पूरा कर देता है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं लोन अगेंस्ट FD के क्या फायदे हैं?

पर्सनल लोन के फायदे

अगर आप पर्सनल लोन लेते हैं, तो बैंकों की ब्याज दरें आमतौर पर 10.5% से लेकर 24% प्रति वर्ष तक होती हैं। इसके साथ ही आपको भारी-भरकम प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज और लंबी कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ता है। वहीं दूसरी तरफ, यदि आप अपनी एफडी के बदले लोन लेते हैं, तो बैंक आपको आपकी FD की ब्याज दर से केवल 1% से 2% अधिक ब्याज पर लोन दे देते हैं। यानी अगर आपकी FD पर 7% का ब्याज मिल रहा है, तो लोन आपको केवल 8% या 9% की बेहद सस्ती दर पर मिल जाएगा।

FD पर लोन लेने के फायदे

एफडी पर लोन लेने का दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपकी एफडी सुरक्षित रहती है। अगर आप आपात स्थिति में अपनी एफडी को मैच्योरिटी से पहले तुड़वाते हैं, तो बैंक आपसे पेनल्टी (Pre-closure Penalty) वसूलता है और आपको मिलने वाले ब्याज में भी कटौती हो जाती है। लेकिन लोन लेने की स्थिति में आपकी पूरी जमा पूंजी पर तय दर से ब्याज मिलता रहता है और आपको अपनी एफडी की कुल रकम का 85% से 95% तक लोन के रूप में तुरंत मिल जाता है।

इसके अलावा, 'लोन अगेंस्ट एफडी' में आपको किसी क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) या इनकम प्रूफ (जैसे सैलरी स्लिप या ITR) दिखाने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि आपकी जमा एफडी ही बैंक के पास सिक्योरिटी के रूप में जमा रहती है। इसमें बैंक आपसे कोई प्रोसेसिंग फीस भी नहीं लेते हैं और यह लोन मिनटों में आपके खाते में क्रेडिट हो जाता है। चुकाने के मामले में भी इसमें काफी लचीलापन मिलता है, जहां आप अपनी सुविधा अनुसार आसान किस्तों में रीपेमेंट कर सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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