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Gold Loan: सोने के आभूषण गिरवी रखकर लिया गया कर्ज तेजी से बढ़ा, लोग क्यों ले रहे हैं गोल्ड लोन?

Gold Loan: एनबीएफसी का गोल्ड लोन मई 2026 में 69.9% बढ़कर 3.29 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। खुदरा और वाणिज्यिक कर्ज में तेजी रही, जबकि औद्योगिक व सेवा क्षेत्र की वृद्धि धीमी हुई।

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सोने के बदले कर्ज लेने वालों की संख्या बढ़ी, NBFC का गोल्ड लोन मई में 70% बढ़ा

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Gold Loan : गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) से सोने के आभूषण गिरवी रखकर कर्ज लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 में एनबीएफसी द्वारा दिए गए गोल्ड लोन में सालाना आधार पर करीब 70 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 के अंत तक NBFC के पास सोने के आभूषणों के बदले दिए गए कुल बकाया कर्ज की राशि 3.29 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। यह आंकड़ा एक साल पहले यानी मई 2025 में 1.94 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह एक साल के दौरान गोल्ड लोन में 69.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

जरूरतों को पूरा करने के लिए लोग ले रहे हैं गोल्ड लोन

सोने के बदले कर्ज लेने का एक बड़ा कारण यह है कि इसमें ग्राहकों को जल्दी पैसा मिल जाता है। बैंक और NBFC सोने की कीमत के आधार पर आसानी से लोन उपलब्ध कराते हैं। शादी, शिक्षा, कारोबार बढ़ाने, मेडिकल जरुरतों या अन्य खर्चों के लिए लोग अपने सोने के आभूषणों को गिरवी रखकर पैसा जुटा रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ समय में सोने की कीमतों में तेजी आने से लोगों के पास मौजूद सोने की वैल्यू भी बढ़ी है। इसका फायदा उठाकर कई लोग अधिक राशि का कर्ज लेने में सक्षम हुए हैं।

खुदरा कर्ज में भी हुई मजबूत बढ़ोतरी

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि मई 2026 में खुदरा कर्ज (Retail Loan) के कई क्षेत्रों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। इसमें होम लोन, वाहन लोन और गोल्ड लोन प्रमुख रहे। कुल खुदरा लोन में सालाना आधार पर 19.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जबकि मई 2025 में यह वृद्धि दर 14.9 प्रतिशत थी। इसका मतलब है कि लोगों की कर्ज लेने की जरुरत और क्षमता दोनों में बढ़ोतरी हुई है।

वाणिज्यिक क्षेत्र को दिए गए कर्ज में भी तेजी

गोल्ड लोन के बाद NBFC द्वारा वाणिज्यिक क्षेत्र (Commercial Sector) को दिए गए कर्ज में सबसे अधिक वृद्धि देखने को मिली। मई 2026 में इस क्षेत्र का बकाया कर्ज सालाना आधार पर 40.2 प्रतिशत बढ़कर 1.19 लाख करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यानी मई 2025 में वाणिज्यिक क्षेत्र को दिए गए कर्ज की राशि 85,317 करोड़ रुपये थी। यह बढ़ोतरी बताती है कि कारोबार और कंपनियां अपनी जरूरतों के लिए एनबीएफसी से वित्तीय सहायता ले रही हैं।

कृषि क्षेत्र को भी मिला अधिक कर्ज

कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए दिए गए कर्ज में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। मई 2026 में कृषि क्षेत्र के कर्ज में सालाना आधार पर 17.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यह वृद्धि पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है। मई 2025 में कृषि क्षेत्र के कर्ज में केवल 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। इससे संकेत मिलता है कि किसानों और कृषि से जुड़े व्यवसायों को वित्तीय मदद मिलने में सुधार हुआ है।

औद्योगिक और सेवा क्षेत्र के कर्ज की रफ्तार धीमी

हालांकि, हर क्षेत्र में कर्ज की वृद्धि एक जैसी नहीं रही। आरबीआई के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र को दिए गए कर्ज की वृद्धि दर मई 2026 में घटकर 7.3 प्रतिशत रह गई। एक साल पहले यह दर 10 प्रतिशत थी। औद्योगिक क्षेत्र में कर्ज की रफ्तार कम होने का मुख्य कारण बुनियादी ढांचा (Infrastructure) क्षेत्र में ऋण वृद्धि का धीमा होना बताया गया है। इसी तरह सेवा क्षेत्र को दिए गए कर्ज की वृद्धि दर में भी गिरावट आई है। मई 2025 में सेवा क्षेत्र के कर्ज में 23.9 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई थी, जो मई 2026 में घटकर 16.7 प्रतिशत रह गई।

गोल्ड लोन बना NBFC के लिए सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र

मई 2026 में एनबीएफसी के लिए गोल्ड लोन सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में शामिल रहा। सोने की ऊंची कीमतें, आसान प्रक्रिया और तुरंत मिलने वाली रकम के कारण लोगों की रुचि गोल्ड लोन में बढ़ी है। आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि जहां एक ओर व्यक्तिगत जरूरतों के लिए कर्ज की मांग मजबूत बनी हुई है, वहीं कुछ औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में ऋण वृद्धि की रफ्तार धीमी हुई है। आने वाले समय में ब्याज दरों और आर्थिक गतिविधियों के आधार पर कर्ज बाजार की दिशा तय होगी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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