बिजनेस

LIC,SBI को टक्कर देने आ रहे हैं मुकेश अंबानी ! इश्योरेंस से लेकर म्युचुलफंड तक का बिग प्लान

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jul 31, 2023, 04:37 PM IST

Mukesh Ambani Will Soon Launch Insurance And MF Business:जिस तरह टेलिकॉम सेक्टर में पैठ बनाने के लिए जियो ने लो-टैरिफ का दांव खेला था। वैसा ही कुछ इंश्योरेंस और म्युचुअल फंड सेक्टर में भी हो सकता है। कंपनी ग्रहाकों को लुभाने के लिए सस्ते प्रोडक्ट के साथ-साथ इन्नोवेटिव प्रोडक्ट भी लांच कर सकती है। जिसका फायदा ग्राहकों को मिलने वाला है।

Image

MUKESH AMBANI INSURANCE

Mukesh Ambani Will Soon Launch Insurance And MF Business: टेलिकॉम, ऑयल सेक्टर में तहलका मचाने के बाद अब मुकेश अंबानी फाइनेंशियल सेक्टर में जोर-शोर से उतरने जा रहे हैं। इसके तहत वह म्युचुअल फंड और इंश्योरेंस सेक्टर में धमाका करने की तैयारी में हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज से जियो फाइनेंशियल सर्विसेज को डीमर्ज करने के बाद , जियो फाइनेंशियल इंश्योरेंस और म्युचुअल फंड बिजनेस में उतरने का प्लान बना चुकी है। ऐसे में साफ है कि आने वाले समय में मुकेश अंबानी इंश्योरेंस सेक्टर में एलआईसी और SBI ग्रुप को भी टक्कर देगी। और उसके लिए वह लो-कॉस्ट मॉडल और ऐसे कस्टमर पर दांव लगा सकते हैं जो अभी फाइनेंशियल सेक्टर से दूर हैं।

जल्द शुरू होगा इंश्योरेंस बिजनेस

हमारी सहयोगी न्यूज चैनल ईटी नाउ की एक्सक्लूसिव खबर के अनुसार कंपनी जल्द ही इंश्योरेंस रेग्युलेटर इरडा के पास इंश्योरेंस बिजनेस के लिए आवेदन करने वाली है। सूत्रों के अनुसार कंपनी लाइफ इंश्योरेंस और जनरल इंश्योरेंस दोनो कारोबार में उतरेगी। यानी मुकेश अंबानी अब लाइफ कवर करने के साथ कार-बाइक इंश्योरे, हेल्थ, घर और टर्म इंश्योरेंस जैसे प्रोडक्ट लांच कर सकते हैं। कंपनी की योजना है कि वह 2024 से इंश्योरेंस कारोबार में उतर जाएगा। अगर ऐसा होता है तो जियो फाइनेंशियल की एलआईसी, SBI लाइफ इंश्योरेंस, SBI जनरल इंश्योरेंस जैसी इंश्योरेंस सेक्टर की कंपनियों से टक्कर होगी।

म्युचुअल फंड के लिए पहले ही करार

जियो फाइनेंशियल ने इसके अलावा म्युचुअल फंड बिजनेस के लिए पहले ही अमेरिकी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकस्टोन के साथ हाथ मिला लिया है। जाहिर है कि मुकेश अंबानी अब जियो फाइनेंशियल के जरिए म्युचुअल फंड और SIP प्रोडक्ट भी आपके लिए लांच करेंगे। कंपनी ने इसके तहत अपने इरादे पहले ही घोषित कर दिए हैं। उसका कहना है कि इन सर्विसेज के लिए वह वित्तीय समावेशन यानी फाइनेंशियल इन्क्लूजन को बढ़ावा देगी।

ग्राहकों को फायदा

जिस तरह टेलिकॉम सेक्टर में पैठ बनाने के लिए जियो ने लो-टैरिफ का दांव खेला था। वैसा ही कुछ इंश्योरेंस और म्युचुअल फंड सेक्टर में भी हो सकता है। कंपनी ग्रहाकों को लुभाने के लिए सस्ते प्रोडक्ट के साथ-साथ इन्नोवेटिव प्रोडक्ट भी लांच कर सकती है। जिसका फायदा ग्राहकों को मिलने वाला है। क्योंकि प्रतिस्पर्धा को देखते हुए दूसरी कंपनियों को भी ऐसे प्रोडक्ट बाजार में लाने होंगे।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article