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मुकेश अंबानी और मार्क जुकरबर्ग ने की ₹855 करोड़ की डील! रिलायंस-मेटा बनाएंगे AI डेटा सेंटर

भारत न केवल AI के इस्तेमाल में आगे है। बल्कि, AI इन्फ्रास्ट्रक्चर खासतौर पर AI Data Center के मामले में भी तेजी से बढ़ रहा है। अब रिलायंस और मेटा ने जामनगर में डेटा सेंटर के लिए हाथ मिलाया है।

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एआई का बड़ा हब बनेगा इंडिया

Reliance Meta AI Data Center Jamnagar : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) ने एक ऐतिहासिक साझेदारी का एलान किया है। दोनों कंपनियां मिलकर गुजरात के जामनगर में 168 मेगावाट (MW) क्षमता वाला एक विशाल डेटा सेंटर विकसित करने जा रही हैं। बुधवार को जारी एक संयुक्त बयान में बताया गया कि इस प्रोजेक्ट को अगले दो वर्षों के भीतर पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। यह परियोजना भारत में हाइपरस्केल एआई अवसंरचना (AI Infrastructure) के क्षेत्र में एक गेमचेंजर साबित होने वाली है।

पहला ’बिल्ट-टू-सूट’ डेटा सेंटर

यह प्रोजेक्ट कई मायनों में बेहद खास है, क्योंकि यह भारत में मेटा (Meta) के लिए पहला ’बिल्ट-टू-सूट’ (Built-to-suit) डेटा सेंटर होगा। इस डील के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज इस 168 मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर का निर्माण और विकास करेगी। इसके बाद, मेटा इस सेंटर की पूरी क्षमता को लीज (पट्टे) पर लेगी, ताकि वह अपनी ग्लोबल डिजिटल और एआई कंप्यूटिंग आवश्यकताओं को पूरा कर सके। बयान में कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर इस डेटा सेंटर की क्षमता को आगे बढ़ाने का विकल्प भी खुला है।

इको-फ्रेंडली होगा यह डेटा सेंटर

आमतौर पर बड़े डेटा सेंटर्स को चलाने में भारी मात्रा में बिजली और पानी की खपत होती है। लेकिन रिलायंस और मेटा का दावा है कि यह प्रोजेक्ट पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly) होगा। इसे चलाने के लिए रिन्युएबल एनर्जी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही डेटा सेंटर को ठंडा रखने के लिए अनोखी तकनीक का इस्तेमाल होगा, इसमें समुद्री जल का खारापन हटाकर (डिसैलिनेशन) इस्तेमाल किया जाएगा।

1 गीगावाट क्लीन एनर्जी का सपोर्ट

डेटा सेंटर को चलाने के लिए क्लीनमैक्स (CleanMax) और फोर्थ पार्टनर एनर्जी (Fourth Partner Energy) के साथ भी काम किया जा रहा है। ये दोनों कंपनियां मिलकर 1 गीगावाट (1000 मेगावाट) रिन्युएबल एनर्जी उपलब्ध कराएंगी।

    क्या बोले मुकेश अंबानी?

    इस समझौते का ऐलान करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस ऐतिहासिक साझेदारी पर खुशी जताते हुए कहा, "मेटा के साथ यह साझेदारी भारत के डिजिटल अवसंरचना क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण (Transformative Moment) है। मेटा जैसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी के लिए भारत का पहला ’बिल्ट-टू-सूट’ डेटा सेंटर बनाना इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि भारत वैश्विक एआई क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा, "जामनगर हाइपरस्केल एआई कंप्यूटिंग का एक प्रमुख केंद्र बनेगा और इस विजन को साकार करने के लिए मेटा के साथ साझेदारी पर हमें गर्व है।"

    जामनगर को ही क्यों चुना गया?

    गुजरात का जामनगर बड़े डेटा सेंटर के संचालन के लिए एक आदर्श स्थान बनकर उभरा है। इसके पीछे कई रणनीतिक कारण हैं। यह प्रोजेक्ट रिलायंस को हाइपरस्केल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 'सिंगल-विंडो' प्रोवाइडर बनाता है। जामनगर पश्चिमी तट के समुद्री केबल लैंडिंग स्टेशनों (Subsea Cable Landing Stations) के बेहद नजदीक है, जिससे ग्लोबल कनेक्टिविटी आसान होगी। यह स्थान रिलायंस जियो (Jio) के व्यापक और मजबूत फाइबर नेटवर्क से सीधे जुड़ा हुआ है। इसके अलावा यहां भरपूर मात्रा में रिन्युएबल एनर्जी और पानी की उपलब्धता है।

    पुरानी है दोनों कंपनियों की दोस्ती

    रिलायंस और मेटा के बीच यह पहली साझेदारी नहीं है। इससे पहले साल 2020 में मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) में 5.7 अरब अमेरिकी डॉलर का भारी-भरकम निवेश किया था। अब जामनगर का यह नया डेटा सेंटर दोनों कंपनियों के रिश्तों को एक नए मुकाम पर ले जाएगा।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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