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CrowdStrike And Indian Bank: क्राउडस्ट्राइक से भारत के 10 बैंकों पर असर, जानें क्या हुआ और अब क्या हालात

CrowdStrike And Indian Bank: शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे के आसपास लैपटॉप,पीसी अपने आप रीस्टार्ट हो रहे थे और उन पर नीली स्क्रीन नजर आ रही थी। इसके कारण देश के 10 बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के कामकाज में मामूली व्यवधान हुआ।

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CrowdStrike And Indian Bank:भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि माइक्रोसॉफ्ट सेवाओं में व्यवधान के कारण देश के 10 बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के कामकाज में मामूली असर हुआ, जिसे या तो हल कर लिया गया या समाधान किया जा रहा है।माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में व्यापक व्यवधान आने से शुक्रवार को दुनिया भर में उड़ानें, बैंक, मीडिया संस्थान और कंपनियों का कामकाज बाधित हुआ। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि वह अपने माइक्रोसॉफ्ट 365 ऐप और सेवाओं तक पहुंच पर असर डालने वाली समस्या को धीरे-धीरे ठीक कर रही है।

कितने बैंकों में क्राउडस्ट्राइक

रिजर्व बैंक ने इस समस्या पर जारी एक बयान में कहा कि उसने अपनी विनियमित संस्थाओं पर इस व्यापक तकनीकी व्यवधान के प्रभाव का आकलन किया है।आरबीआई ने बयान में कहा कि अधिकांश बैंकों के महत्वपूर्ण सिस्टम क्लाउड में नहीं हैं। इसके अलावा कुछ चुनिंदा बैंक ही क्राउडस्ट्राइक साधन का उपयोग कर रहे हैं। हमारा आकलन दर्शाता है कि केवल 10 बैंकों और एनबीएफसी में मामूली व्यवधान थे, जिन्हें या तो हल कर लिया गया है या हल किया जा रहा है।

रिजर्व बैंक ने कहा कि उसके नियमन के दायरे में में आने वाला भारतीय वित्तीय क्षेत्र कुल मिलाकर वैश्विक तकनीकी व्यवधान से अछूता है।

इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने विनियमित वित्तीय संस्थाओं को सतर्क रहने और परिचालन मजबूती और निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए एक परामर्श भी जारी किया है।

क्राउसडस्ट्राइक से दुनिया भर में डिजिटल लॉकडाउन

शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे के आसपास लैपटॉप,पीसी अपने आप रीस्टार्ट हो रहे थे और उन पर नीली स्क्रीन नजर आ रही थी। यह एक तरह का एरर था जो सिस्टम को 'रिकवरी' मोड में डाल देता था। इसकी वजह से सिस्टम बार-बार रीस्टार्ट हो रहे थे। इसमें लैपटॉप पर एक नीली स्क्रीन के साथ एक एरर मैसेज दिखता है, जिसे आम तौर पर 'ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ' बग के रूप में जाना जाता है। हालांकि बाद में क्राउडस्ट्राइक ने बताया कि ये साइबर अटैक नहीं था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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