FPI Investment In Indian Stock Market: दिसंबर में लगातार खरीदारी के बाद, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का जनवरी मिजाज बदलता हुआ दिख रहा है। हालांकि बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, मगर आंकड़ों से पता चला है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक पिछले सप्ताह में नेट सेलर रहे। यानी उन्होंने जनवरी के पहले हफ्ते में शेयर बाजार में अधिक पैसा लगाने के बाद दूसरे हफ्ते में अधिकतर पैसा निकाला।
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कितनी की बिकवाली
स्टॉकएज के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने पिछले हफ्ते शेयर बाजार में 2,477 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। 5 जनवरी को समाप्त सप्ताह में उन्होंने शुद्ध रूप से 4,436.05 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। हालांकि बीते हफ्ते बेंचमार्क निफ्टी 50 ने लगभग 1% की साप्ताहिक बढ़त हासिल की और शुक्रवार को 21928.25 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
क्या रहा तेजी का कारण
शेयर बाजार में ये बढ़त मुख्य रूप से दिसंबर तिमाही के बेहतर कमाई के आंकड़ों से आईटी शेयरों में आई मजबूती, रिलायंस इंडस्ट्रीज और कुछ बैंकिंग शेयरों में ग्रोथ के कारण आई। एफपीआई आम तौर पर जनवरी में खरीदारी धीमी कर देते हैं। मगर 2023 वह वर्ष था जब बाजारों में अब तक का सबसे अधिक विदेशी निवेश देखा गया।
2023 में कैसा रहा एफपीआई का रुख
एफपीआई ने 2023 में 1.77 लाख करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी, जो रुपये के मामले में इतिहास में सबसे अधिक है। इसमें से लगभग एक-तिहाई निवेश केवल दिसंबर में किया गया, जो 2023 में एक महीने में सबसे अधिक निवेश भी था।
इसके अलावा दिसंबर में कुल निवेश का लगभग 45% केवल फाइनेंशियल सेक्टर में आया। दूसरा नंबर आईटी सेक्टर का रहा। दिसंबर में, एफपीआई ने फाइनेंशियल सर्विसेज, आईटी, ऑटोमोबाइल और कैपिटल गुड्स में अधिक निवेश किया।
