Monopoly Stock : केमिकल सेक्टर में खासतौर पर हायड्रोफ्लोरिक एसिड (HF) और एल्युमिनियम फ्लोराइड (AlF3) बनाने में मोनोपॉली रखने वाली ये कंपनी अक्सर सुर्खियों से दूर रहती है। लेकिन, इसके बने प्रोडक्ट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से बेहद करीब से जुड़े हैं।

टैनफैक इंडस्ट्रीज ने किया बड़ा कमाल
कंपनी जो खास केमिकल बनाती है, उनका इस्तेमाल डीजल, पेट्रेाल से लेकर पानी तक और AC और फ्रिज तक होता है। 22 अप्रैल, 2016 को इस कंपनी के शेयर का प्राइस ₹14.60 पर था, जो अब करीब ₹2,384 पर ट्रेड कर रहा है। इस तरह एक दशक में Tanfac Industries ने 16200% का तूफानी रिटर्न दिया है। यानी कंपनी ने इस साल निवेशकों की पूंजी 60% से ज्यादा का इजाफा किया है।
1 लाख के हो गए 1.60 करोड़
अगर इस शेयर में किसी ने अप्रैल 2016 में एक लाख रुपये का निवेश किया होता, तो आज इस निवेश की वैल्यू बढ़कर 1.60 करोड़ से ऊपर हो चुकी होती। 10 साल में कंपनी के सिर्फ शेयर प्राइस में ही बढ़ोतरी नहीं हुई है। बल्कि, इस दौरान हर साल प्रॉफिट में 33% और सेल्स में 17% का वार्षिक इजाफा हुआ है।
अब चर्चा में क्यों?
Tanfac Industries एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह सिर्फ इसका तेज रिटर्न नहीं, बल्कि फ्लोरीन केमिस्ट्री में इसकी मजबूत पकड़ के चीलते 1,250 करोड़ रुपये के नए MoU की खबर है। कंपनी ने हाल ही में 5,000 MT प्रति वर्ष फ्लोरिनेटेड प्रोडक्ट सप्लाई का समझौता किया है, जो 5 साल में लागू होगा। नए सौदे की खबर के बाद से शेयर में करीब % का उछाल आ चुका है। जबकि, एक महीने में शेयर 25% उछल चुका है।
असल ताकत कहां है
कंपनी की पहचान सिर्फ प्रोडक्ट लिस्ट से नहीं, बल्कि ऑपरेशनल स्केल से भी बनती है। H1FY25 के अनुसार इसकी Aluminum Fluoride क्षमता 15,600 MTPA, Anhydrous Hydrofluoric Acid क्षमता 29,700 MTPA और Specialty Fluorides क्षमता 8,400 MTPA है। 60 एकड़ में फैला इसका Cuddalore plant और 300 से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच इसे फ्लोरीन केमिस्ट्री में मजबूत पकड़ देता है।
नया MoU क्या बदल सकता है
कंपनी ने 15 अप्रैल 2026 को BSE को बताया कि उसने एक बड़ी multinational company के साथ MoU साइन किया है। इसके तहत 1 जनवरी 2027 से 5 साल तक 5,000 MT प्रति वर्ष फ्लोरिनेटेड प्रोडक्ट की सप्लाई होगी और इसकी अनुमानित वैल्यू 1,250 करोड़ रुपये है। यह सौदा export और domestic दोनों बाजारों से जुड़ा होगा।
वित्तीय तस्वीर भी मजबूत
कंपनी का market cap करीब 4,784 करोड़ रुपये, करंट प्राइस 2,398 रुपये और स्टॉक P/E 63.9 है। ROCE 41.8% और ROE 32% जैसे आंकड़े मजबूत ऑपरेटिंग क्वालिटी दिखाते हैं, लेकिन बुक वैल्यू के मुकाबले वैल्यूएशन महंगा माना जा सकता है। यही कारण है कि स्टॉक में ग्रोथ स्टोरी और वैल्यूएशन रिस्क दोनों साथ चलते दिखते हैं।
ग्लोबल है बिजनेस
कंपनी अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील, UAE और सिंगापुर जैसे 10 से ज्यादा देशों की 300 से ज्यादा इंडस्ट्रीज को अपने केमिकल की सप्लाई देती है।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
