Direct Tax Collection : केंद्र सरकार को जिन स्रोतों से कमाई होती है, उनमें डायरेक्ट टैक्स भी शामिल है। बल्कि कहा जा सकता है यह सरकार के लिए कमाई का बहुत अहम स्रोत है। डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के मामले में 5 शहर ऐसे हैं, जो सरकार को सबसे अधिक रेवेन्यू देते हैं। इनमें पहले नंबर पर मुंबई है। आगे जानिए मुंबई से सरकार को कितनी इनकम होती है। साथ ही जानिए लिस्ट में बाकी 4 नाम कौन से हैं।
ये हैं टॉप 5 शहर
मुंबई : 4.95 लाख करोड़ रुपये
दिल्ली : 2.07 लाख करोड़ रुपये
बेंगलुरु : 2.04 लाख करोड़ रुपये
चेन्नई : 1.05 लाख करोड़ रुपये
हैदराबाद : 88,438 करोड़ रुपये
दिल्ली से आगे निकलने वाला है बेंगलुरु
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार आयकर विभाग के एक इंटरनल एनालिसिस के मुताबिक बेंगलुरु देश के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता बन सकता है और जल्दी ही यह दिल्ली को इस लिस्ट में पछाड़ सकता है। इसका कारण है बेंगलुरु में बढ़ते इंडस्ट्रियल हब और आईटी सेक्टर।
कहां से कहां पहुंचा बेंगलुरु का योगदान
लिस्ट में पहले नंबर पर मुंबई है। पर बेंगलुरु की ग्रोथ बहुत तेज है। वित्त वर्ष 2007-08 में इसका डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में योगदान 32692 करोड़ रु था, जो 2022-23 में 2.04 लाख करोड़ रु हो गया। इस दौरान पर्सनल इनकम और कॉर्पोरेशन टैक्स सहित बेंगलुरु के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 525 फीसदी की ग्रोथ हुई है।
कितना है देश का ग्रॉस टैक्स कलेक्शन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश का ग्रॉस टैक्स कलेक्शन पिछले वित्त वर्ष में 10 जनवरी तक 24.58 प्रतिशत बढ़ कर 14.71 लाख करोड़ रुपये रहा था। इसे पर्सनल इनकम टैक्स में वृद्धि से काफी सपोर्ट मिला। रिफंड एडजस्ट करने के बाद, नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्श 12.31 लाख करोड़ रुपये रहा। ये 2021-22 की इसी अवधि के नेट कलेक्शन से 19.55 प्रतिशत अधिक रहा था। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए नेट कलेक्शन डायरेक्ट टैक्स के कुल बजट अनुमानों का 86.68 प्रतिशत रहा। बजट में वित्त वर्ष 2022-23 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 14.20 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था।
