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जुलाई में चूके तो लगेगा ₹5,000 का जुर्माना, 31 जुलाई से पहले निपटा लें ITR और TDS से जुड़े ये 4 बड़े काम

अगर आप टैक्सपेयर हैं तो जुलाई का महीना आपके लिए खास है। इस महीने में आप इकनम टैक्स रिटर्न जरूर फाइल कर लें। ऐसा नहीं करने पर आपको पेनल्टी देना होगा।

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इनकम टैक्स डेडलाइन

31 July Deadline: जुलाई का महीना शुरू हो गया है। टैक्स कैलेंडर के हिसाब से यह टैक्सपेयर्स के लिए सबसे व्यस्त महीना होता है। इस महीने में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से लेकर TDS पेमेंट जैसे कामों का निपटरा करना होता है। वहीं, डेडलाइन चूकने पर ब्याज, देर से फाइल करने का पर पनेल्टी चुकाना होता है। ऐसे में अगर आप नौकरीपेशा या बिजनेस करते हैं तो इस महीने टैक्स से जुड़ी जरूरी डेडलाइन के बारे में पता होना चाहिए। समय पर इन नियमों का पालन करने से बेवजह तनाव, आर्थिक जुर्माना और नियमों के पालन से जुड़ी समस्याओं से बच सकते हैं।

7 जुलाई: तिमाही पेमेंट मंजूरी स्कीम के तहत काम करने वाले डिडक्टर के लिए अप्रैल-जून तिमाही का TDS जमा करने की आखिरी तारीख है। इस तारीख के बाद देरी होने पर ब्याज और दूसरे कानूनी जुर्माने लग सकते हैं।

15 जुलाई: महीने के बीच में कई रिपोर्टिंग डेडलाइन तय हैं, जिनका असर सरकारी दफ्तरों, अधिकृत डीलरों, स्टॉक एक्सचेंजों, IFSC संस्थाओं और विदेशी निवेशकों के साथ काम करने वाले मध्यस्थों पर पड़ेगा।

30 जुलाई: यह टैक्स काटने वालों के लिए जून में काटे गए खास टैक्स से जुड़े चालान-सह-स्टेटमेंट जमा करने की आखिरी तारीख है।

31 जुलाई: टैक्स कैलेंडर की सबसे अहम तारीख है। FY26 के लिए ITR-1 और ITR-2 भरने वाले टैक्सपेयर्स को इस तारीख तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न जमा करना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें 'बिलेटेड फाइलिंग' (देरी से फाइलिंग) का विकल्प चुनना होगा, जिसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है।

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत, इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) देर से फाइल करने पर आपकी कुल इनकम के आधार पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। हालांकि, अगर आपकी कुल इनकम 5 लाख रुपये या उससे कम है, तो देर से फाइल करने पर लगने वाली अधिकतम फीस 1,000 रुपये तक ही सीमित है।

31 जुलाई: अप्रैल-जून की अवधि के लिए तिमाही TDS और TCS रिटर्न जमा करने की आखिरी तारीख भी यही है। इसमें सैलरी और नॉन-रेसिडेंट टैक्सपेयर्स को किए गए पेमेंट से जुड़े TDS स्टेटमेंट शामिल हैं।

31 जुलाई: इसके अलावा, इसी तारीख तक कई तय फॉर्म भी जमा करने होंगे। इनमें सेक्शन 80GG के तहत किराए से जुड़ी कटौती के लिए फॉर्म 10BA, बकाया या एडवांस में मिली सैलरी पर राहत के लिए फॉर्म 10E, और कुछ विदेशी इनकम और रॉयल्टी से जुड़े टैक्स फायदों के लिए फॉर्म 10H, 10CCE और 10CCD शामिल हैं।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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