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भारत समेत दुनियाभर के अमीर बदल रहे आशियाना, इन देशों को बना रहे ठिकाना, जानें क्यों?

जानकारों का कहना है कि जिन नए देशों में अमीर तेजी से बस रहे हैं, वहां उनको बसने के लिए कई तरह की सहूलियत दी जा रही है। अमीरों को आकर्षित करने के लिए नागरिकता देने की प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है।

दुनियाभर के अमीर

दुनियाभर के अमीर

भारत समेत दुनियाभर के अमीर तेजी से अपना आशियाना बदल रहे हैं। यानी अपना देश छोड़कर किसी नए देश में बस रहे हैं। हाल ही में स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल (Lakshmi Mittal) के ब्रिटेन छोड़ने की खबरें आईं थी। 2026 के लिए ग्लोबल करोड़पति माइग्रेशन के अनुमानों के अनुसार, अमीर परिवार रिकॉर्ड लेवल पर इस साल अपना देश छोड़कर किसी नए देश में बस सकते हैं। आखिर क्यों अमीर अपना देश छोड़ रहे हैं? कौन से देश हैं जो अमीरों के पसंदीदा देश बन रहे हैं? इसके पीछे की वजह क्या है? आइए आपको बताते हैं—

इसलिए नए देश में बस रहे करोड़पति लोग

जानकारों का कहना है कि जिन नए देशों में अमीर तेजी से बस रहे हैं, वहां उनको बसने के लिए कई तरह की सहूलियत दी जा रही है। अमीरों को आकर्षित करने के लिए नागरिकता देने की प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है। साथ ही वहां के बाजारों में निवेश के अवसरों, टैक्स से राहत, बच्चों के लिए शिक्षा और भविष्य में घूमने-फिरने की आजादी, राजनीतिक, आर्थिक, या करेंसी में उतार-चढ़ाव से सुरक्षा आदि प्रदान की जा रही है। इसलिए अमीर अपने देश छोड़ इन देशों की ओर रुख कर रहे हैं।

दुनियाभर के अमीरों को पंसद आ रहे ये देश

संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

UAE ने अपने को करोड़पतियों के लिए सबसे पसंदीदा जगह के तौर पर स्थापित किया है। इसके लिए खुद को एसेट मैनेजमेंट और वेल्थ को सुरक्षित रखने के लिए एक टिकाऊ हब के तौर पर पेश कर रहा है। इसकी सफलता पॉलिसी में स्थिरता, आर्थिक खुलेपन और ग्लोबल पूंजी और टैलेंट को आकर्षित करने की एक साफ रणनीति है। UAE गोल्डन वीजा इस अप्रोच का मुख्य हिस्सा है, जो योग्य निवेशकों, उद्यमियों और कुशल लोगों की चुनिंदा कैटेगरी को लंबे समय तक रहने की सुविधा देता है, जिससे उन्हें सात अमीरात में से किसी में भी रहने और एक बड़े ग्लोबल हब में अपना बिजनेस और पारिवारिक जीवन बसाने का अधिकार मिलता है। इतना ही नहीं, यहां जीरो पर्सनल इनकम टैक्स, व्यक्तियों के लिए कोई कैपिटल या नेट वर्थ टैक्स नहीं, सख्त कानून और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, और एक आसान, अनुमानित परमिट सिस्टम भी शामिल है।

सऊदी अरब

सऊदी अरब दुनिया भर में अमीरों के लिए एक पंसदीदा ठिकाना बनकर उभर रहा है। ग्लोबल टैलेंट और पूंजी को आकर्षित करने के लिए डिजाइन किए गए कई रेगुलेटरी सुधार और नए निवास कानून इसके आर्थिक परिदृश्य को नया आकार देना शुरू कर रहे हैं, जिसमें पर्यटन, मनोरंजन और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं।

यूरोप में पुर्तगाल, ग्रीस, स्विट्जरलैंड और इटली

यूरोप माइग्रेट करने वाले करोड़पतियों के लिए बहुत आकर्षक बना हुआ है। पुर्तगाल गोल्डन रेजिडेंस परमिट प्रोग्राम EUR 250,000 के न्यूनतम योगदान के साथ रहने, काम करने और पढ़ाई के अधिकार देता है, साथ ही शेंगेन एरिया में वीजा-फ्री यात्रा की सुविधा भी मिलती है। इसका एक मुख्य आकर्षण यह है कि कम फिजिकल प्रेजेंस की जरूरतों के साथ 5 साल बाद नागरिकता के लिए अप्लाई किया जा सकता है।

ग्रीस: एंट्री-लेवल यूरोप

ग्रीस गोल्डन वीज़ा प्रोग्राम यूरोप के सबसे किफायती विकल्पों में से एक है। EUR 250,000 का रियल एस्टेट निवेश बिना किसी अनिवार्य रहने की शर्त के साथ रिन्यूएबल रेजिडेंस देता है।

इटली और स्विट्जरलैंड: प्रतिष्ठा और स्थायित्व

इटली लाइफस्टाइल और बिजनेस मौजूदगी से जुड़े स्ट्रक्चर्ड रेजिडेंस ऑप्शन देता है, जबकि स्विट्जरलैंड उन बहुत ज्यादा नेट-वर्थ वाले परिवारों को आकर्षित करता रहता है जो एक मैच्योर फाइनेंशियल इकोसिस्टम में स्थिरता, गोपनीयता और लॉन्ग-टर्म वैल्यू चाहते हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका

कड़े नियम के बावजूद, संयुक्त राज्य अमेरिका वैश्विक अमीरों के लिए पसंदीदा स्थान बना हुआ है। EB-5 इमिग्रेंट इन्वेस्टर प्रोग्राम रेजिडेंस को आर्थिक योगदान से जोड़ता है, जिसके लिए नौकरी पैदा करने वाले प्रोजेक्ट्स में USD 800,000 के क्वालिफाइंग निवेश की आवश्यकता होती है। कई परिवारों के लिए, EB-5 सिर्फ रेजिडेंसी से कहीं ज्याद है।

एशियर में सिंगापुर

सिंगापुर का ग्लोबल इन्वेस्टर प्रोग्राम अनुभवी उद्यमियों, टेक संस्थापकों और फैमिली-ऑफिस प्रिंसिपलों को टारगेट करता है। सफल आवेदकों को दुनिया के सबसे स्थिर और बिजनेस-अनुकूल क्षेत्राधिकारों में से एक में स्थायी निवास मिलता है।

ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया का नेशनल इनोवेशन वीजा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त उपलब्धियों वाले व्यक्तियों पर केंद्रित है। कोई न्यूनतम पूंजी आवश्यकता नहीं है, लेकिन आवेदकों को ऑस्ट्रेलिया के लिए असाधारण मूल्य प्रदर्शित करना होगा और नामांकन सुरक्षित करना होगा।

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आलोक कुमार
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

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