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सरपट दौड़े मेटल स्टॉक्स, एक साल के शीर्ष पर SAIL का शेयर प्राइस, इस साल 27.71% भागा

मेटल सेक्टर में आई मजबूती का सीधा फायदा Steel Authority of India Ltd (SAIL) को मिल रहा है। 30 दिसंबर, 2025 को SAIL का शेयर 5% से ज्यादा चढ़कर 52-वीक हाई के बेहद करीब बंद हुआ। वहीं, साल के आखिरी दिन भी इसमें तेजी का रुख बरकरार है। ओपनिंग सेशन में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ शेयर का भाव 147 रुपये पर पहुंच गया, जो 52वीक हाई है।

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सेल के शेयर दौड़े। (फोटो क्रेडिट, कैन्वा)

Steel Authority of India Ltd (SAIL) को मेटल सेक्टर में आई मजबूती का पूरा फायदा मिल रहा है। साल के आखिरी दिन SAIL का शेयर एक सप्ताह में 9.7% के करीब चढ़कर 52-वीक हाई 147 रुपये तक पहुंच गया है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या PSU स्टील दिग्गज की यह तेजी आगे भी बरकरार रह सकती है या नहीं।

क्यों आ रही तेजी?

SAIL के शेयर में आई तेजी के पीछे मेटल सेक्टर का मजबूत ट्रेंड सबसे बड़ा कारण है। बीते सत्रों में BSE और Nifty Metal Index में लगातार खरीदारी देखने को मिली है। इसकी वजह अमेरिका में फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती, चीन की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को मिल रहा नीतिगत समर्थन और बेस मेटल्स की सप्लाई में तंगी मानी जा रही है। इन फैक्टर्स ने स्टील और अन्य धातुओं की कीमतों को सपोर्ट दिया है, जिसका सीधा असर SAIL जैसे शेयरों पर पड़ा।

इस साल 27 फीसदी रिटर्न

BSE के डेटा के मुताबिक SAIL का शेयर लगातार पांच ट्रेडिंग सेशंस में करीब 8% चढ़ चुका है. 30 दिसंबर को यह ₹141 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नवंबर 2025 में इसने ₹145.9 का 52-वीक हाई छुआ था। खास बात यह है कि एक साल में SAIL ने करीब 27% का रिटर्न दिया है, जबकि इसी अवधि में सेंसेक्स की बढ़त करीब 8% रही है। इस तरह इसने बेंचमार्क इंडेक्स को आउटपरफॉर्म किया है।

प्रोडक्शन और इन्वेंट्री पर फोकस

कंपनी मैनेजमेंट ने आने वाले क्वार्टर्स के लिए प्रोडक्शन बढ़ाने और सेल्स को मजबूत करने की रणनीति साफ की है। SAIL का फोकस डिबॉटलनेकिंग के जरिए उत्पादन बढ़ाने और सेल्स के दम पर सेलएबल स्टील इन्वेंट्री घटाने पर है। इससे न सिर्फ वर्किंग कैपिटल बेहतर होगा, बल्कि फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर भी पॉजिटिव असर पड़ने की उम्मीद है।

IISCO प्लांट में बड़ा कैपेक्स प्लान

SAIL की ग्रोथ स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा IISCO Steel Plant में कैपेसिटी एक्सपेंशन है। कंपनी यहां उत्पादन क्षमता को 4.5 मिलियन टन तक बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है, जिस पर करीब ₹360 अरब के निवेश का अनुमान है। यह कदम मीडियम से लॉन्ग टर्म में कंपनी की अर्निंग विजिबिलिटी को मजबूत कर सकता है।

लीडरशिप अपडेट और आगे का आउटलुक

कंपनी ने हाल ही में प्रिया रंजन को बोकारो स्टील प्लांट का डायरेक्टर-इन-चार्ज नियुक्त कियाहै। इंडस्ट्री में 30 साल से ज्यादा के अनुभव रखने वाली रंजन की नियुक्ति ऑपरेशनल मजबूती के लिहाज से अहम मानी जा रही है। मेटल सेक्टर में बने पॉजिटिव सेंटिमेंट और कंपनी की आंतरिक रणनीतियों को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि SAIL का शेयर आने वाले समय में निवेशकों की नजर में बना रह सकता है, हालांकि उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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