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Success Story: बच्चों के लिए स्वेटर बुनते हुए आया बिजनेस आइडिया, मुंबई की महिला ने 1 लाख लगाकर बनाया 8 करोड़ रु का ब्रांड

Success Story: मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में 2013 में हीना पटेल ने प्रेगनेंसी के दौरान शांति की तलाश में सलाइयों और ऊन को थामा और अपने जुड़वां बच्चों के लिए छोटे-छोटे स्वेटर और एक्सेसरीज बनाना शुरू किया। तब उन्हें भारत में प्रीमियम क्वालिटी वाले ऊन और हाथ से बने उत्पादों की कमी का अहसास हुआ।

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हीना पटेल की सक्सेस स्टोरी है कमाल

KEY HIGHLIGHTS
  • हीना पटेल की सक्सेस स्टोरी है कमाल
  • 1 लाख से बना लिए 8 करोड़
  • कई महिलाओं का बदला जीवन

Success Story: मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में 2013 में हीना पटेल ने प्रेगनेंसी के दौरान शांति की तलाश में सलाइयों और ऊन को थामा और अपने जुड़वां बच्चों के लिए छोटे-छोटे स्वेटर और एक्सेसरीज बनाना शुरू किया। तब उन्हें भारत में प्रीमियम क्वालिटी वाले ऊन और हाथ से बने उत्पादों की कमी का अहसास हुआ। यह छोटी-सी खोज एक बड़े सपने की शुरुआत थी। दोस्तों और परिवार के प्रोत्साहन से हीना ने खुद हाथ से बनाए प्रोडक्ट्स को ऑनलाइन बेचना शुरू किया। उन्हें कुछ ही महीनों में एशिया के सबसे बड़े किड्स स्टोर से एक बड़ा ऑर्डर मिला, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। इस तरह एक शौक ने ‘मैजिक नीडल्स’ नामक वेंचर के रूप में एक बिजनेस की नींव रखी।

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300 से ज्यादा महिलाओं को किया ट्रेन

जैसे-जैसे ऑर्डर बढ़े हीना के लिए अकेले काम करना असंभव होता गया। उन्होंने मुंबई में स्थानीय महिलाओं को अपने साथ जोड़ा। द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार हीना के पास पहले कारीगर लोकल रेफरेंस से आए, फिर बात फैलने से और महिलाएँ उनके साथ जुड़ीं।

आज मैजिक नीडल्स ने 300 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित कर लिया है, जो वेयरहाउस ऑपरेशन, ऑर्डर प्रोसेसिंग, इन्वेंट्री और डिज़ाइन जैसे काम संभालती हैं। ये महिलाएँ सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि कंपनी की संपत्ति हैं।

कई महिलाओं का बदला जीवन

मैजिक नीडल्स की कहानी सिर्फ ऊन और सलाइयों की नहीं, बल्कि उन महिलाओं की है जिनकी जिंदगी बदली। हीना के साथ जुड़ी एक महिला ने घरेलू हिंसा का सामना किया, लेकिन मैजिक नीडल्स में बुनकर से डिजाइन टीम की कोर सदस्य बन गईं। वे अब अपने और अपने बेटे की पढ़ाई का खर्च उठाती हैं।

एक और महिला पहले घरेलू सहायिका थीं, आज वेयरहाउस ऑपरेशन्स की लीडर हैं। उन्होंने अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में दाखिला दिलाया, जो कभी उनके लिए सपना था। ये कहानियाँ साबित करती हैं कि अवसर और सम्मान कितना कुछ बदल सकते हैं।

बन गया 8 करोड़ रु का ब्रांड

हीना की सोच सिर्फ रोज़गार तक सीमित नहीं थी। मैजिक नीडल्स स्थिरता को बढ़ावा देता है। उनके मुताबिक हाथ से बने, स्लो फैशन तेजी से बने फास्ट फैशन का ऑप्शन है, जो टिकाऊ होते हैं। साल 2020 में उन्होंने मुंबई के विखरोली में पहला स्टोर खोला, जो क्राफ्टिंग कम्युनिटी का केंद्र बना।

फिर साल 2022 में हॉबी स्टोर लॉन्च किया गया, जो स्थानीय स्तर पर प्रीमियम क्राफ्टिंग सामग्री प्रोवाइड करता है। द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार उनका 1 लाख रुपये से शुरू हुआ यह सफर आज 8.5 करोड़ रुपये के प्रॉफिट वाले ब्रांड तक पहुँचा है।

सोशल मीडिया से मिला सहारा

मैजिक नीडल्स की डिजिटल प्रेजेंस बढ़ी। खास कर सोशल मीडिया यानी इंस्टाग्राम और यूट्यूब ने क्राफ्टिंग कम्युनिटी को जोड़ा। अब वह पूरे भारत में विस्तार की योजना बना रही हैं। हीना के अनुसार वे रिटेल नेटवर्क बढ़ाना चाहती हैं और नए उत्पाद, जैसे होम डेकोर और डायवर्सिफाई ऊन, लाने की तैयारी में हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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