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अब एक घर में चलेगा सिर्फ एक ही LPG कनेक्शन, एलपीजी सिलेंडर पर सरकार ने लागू किया नया नियम

एलपीजी गैस सिलेंडर के वितरण को लेकर सरकार ने 'एक घर, एक कनेक्शन' नीति के तहत नए नियम लागू किए हैं। अब एक ही पते पर कई कनेक्शन रखना संभव नहीं होगा। पारदर्शिता लाने के लिए केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है।

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LPG Cylinder

रसोई गैस (LPG) के इस्तेमाल को लेकर सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब एक घर या एक पते पर केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन रखने की अनुमति होगी। सरकार का उद्देश्य गैस सिलेंडर की कालाबाजारी को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे। इस नए नियम (LPG New Rules) के लागू होने के बाद, जिन परिवारों में एक से अधिक गैस कनेक्शन हैं, उन्हें अब सावधानी बरतने की जरूरत है, वरना उनका कनेक्शन बंद किया जा सकता है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

अक्सर देखा गया है कि एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्य अपने नाम पर कई गैस कनेक्शन ले लेते हैं। इससे सिलेंडर की जमाखोरी और अवैध इस्तेमाल की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। सरकार के 'वन हाउसहोल्ड, वन कनेक्शन' (One Household, One Connection) नीति का मुख्य लक्ष्य डेटा को साफ करना और फर्जी कनेक्शनों को सिस्टम से बाहर करना है। इससे सरकार पर सब्सिडी का बोझ भी कम होगा और पारदर्शी वितरण प्रणाली सुनिश्चित की जा सकेगी।

KYC प्रक्रिया हुई अनिवार्य

इस नियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य कर दिया है। यदि किसी एक पते पर एक से अधिक गैस कनेक्शन पाए जाते हैं, तो संबंधित गैस एजेंसी ग्राहक से संपर्क करेगी। उपभोक्ताओं को अपनी पहचान और पते का सत्यापन कराना होगा। इस प्रक्रिया के दौरान, परिवार को यह तय करना होगा कि वे किस सदस्य के नाम पर कनेक्शन जारी रखना चाहते हैं और बाकी अतिरिक्त कनेक्शनों को सरेंडर (Surrender) करना होगा।

बहुमंजिला इमारतों और किराएदारों के लिए क्या हैं नियम?

इस नए नियम को लेकर कई लोगों के मन में भ्रम है, खासकर उनके लिए जो एक ही बिल्डिंग में अलग-अलग फ्लोर पर रहते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि रसोई अलग-अलग है और परिवार अलग-अलग रहते हैं, तो वे उचित दस्तावेजों के साथ अलग कनेक्शन रख सकते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें पुख्ता सबूत और अलग केवाईसी दस्तावेज जमा करने होंगे। किराएदारों के मामले में भी रेंट एग्रीमेंट और स्थानीय पते के प्रमाण के आधार पर नियमों में कुछ लचीलापन दिया गया है, लेकिन मुख्य उद्देश्य एक ही चूल्हे पर दो कनेक्शनों के इस्तेमाल को रोकना है।

अतिरिक्त कनेक्शन न हटाने पर क्या होगा?

अगर कोई उपभोक्ता स्वेच्छा से अपना अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर नहीं करता है और जांच में एक ही पते पर कई कनेक्शन पाए जाते हैं, तो गैस कंपनियां उन सभी कनेक्शनों की सप्लाई रोक सकती हैं। इसके अलावा, सब्सिडी भी रोकी जा सकती है। भविष्य में किसी भी परेशानी से बचने के लिए तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी केवाईसी अपडेट करा लें और नियमों का पालन करें।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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