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LPG Cylinder Price: LPG सिलेंडर 171.50 रुपये हुआ सस्ता, जानिए क्या हैं नए दाम

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 1, 2023, 08:12 AM IST

LPG Cylinder Price: तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 171.50 रुपये की कटौती की है। अब सिलेंडर 1856.50 रुपए का हो गया।

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एलपीजी गैस हुई सस्ती

Photo : BCCL

LPG Cylinder Price: तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती है। आज से 19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 171.50 रुपये की कटौती की गई है। इसके बाद दिल्ली में आज से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम घटकर 1856.50 रुपए हो गए। हालांकि, घरेलू रसोई गैस की कीमतों में कोई कटौती नहीं की गई है।

दिल्ली के अलावा कोलकाता में एलपीसी कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 1960.50 रुपये हो गए हैं। इसके अलावा मुंबई में नई कीमतें 1808.50 और चेन्नई में 2021.50 रुपये हैं।

एक अप्रैल को हुई थी कटौतीबता दें, सरकार की ओर से हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी और पेट्रोल-डीजल के दाम में बदलाव किया जाता है। इससे पहले एक अप्रैल 2023 को कमर्शियल एलपीजी गैस की कीमतों में बदलाव किया गया था। तब कीमतें 92 रुपये घटाई गई थीं। हालांकि, मार्च में सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बढ़ा इजाफा करते हुए 350 रुपये बढ़ा दिए थे।

कई नियमों में हुआ बदलाव

कमर्शियल सिलेंडर सस्ता होने के साथ ही साथ एक मई से कई नियमों में भी बदलाव किया गया है। सरकार ने म्यूचुअल फंड के लिए केवाईसी जरूरी कर दी है तो वहीं जीएसटी नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब 100 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाली कंपनियों को सात दिनों के अंदर ही आईआरपी पर रिसीट अपलोड करनी होगी। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक पर एटीएम से लेन-देन पर ग्राहकों से चार्ज वसूलेगा।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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