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LPG Cylinder Price: अब और ढीली होगी जेब, LPG गैस की कीमतों में हुआ उछाल; जानें नए रेट

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 4, 2023, 08:34 AM IST

LPG Cylinder Price: कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया है। सिलेंडर की कीमत में 7 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब 19 किलोग्राम वाले कर्मिशयल एलपीजी सिलेंडर की दिल्ली में कीमत 1,773 रुपये से बढ़कर 1,780 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई।

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LPG Cylinder Price

Photo : BCCL

LPG Cylinder Price: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव किया है। सिलेंडर की कीमत में 7 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कर्मिशयल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1,773 रुपये से बढ़कर 1,780 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई। वहीं, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दिल्ली के अलावा कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़कर 1882.50 रुपये हो गए हैं। जबकि पहले सिलेंडर 1875.50 रुपये का था। इसके अलावा मुंबई में कीमत 1725 रुपये से बढ़कर 1732 रुपये हो गई है। चेन्नई में भी कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब यहां एक कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर 1944 रुपये हो गई है, जो पहले 1937 रुपये थी।

जून में हुई थी कटौती

बता दें, इससे पहले जून में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में कटौती की गई थी। जून में 83 रुपये और मई में 172 रुपये की कटौती की गई थी। वहीं अगर घरेलू सिलेंडर की कीमत की बाद करें, तो इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर दिल्ली में 1103 रुपये का मिल रहा है। वहीं, कोलकाता में 1129 रुपये, मुंबई में 1102.50 रुपये और चेन्नई में 1118.50 रुपये का है। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में एक साल पहले बदलाव किया गया था। तब 14 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये का इजाफा हुआ था।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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