LIC सपोर्टेड नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) Paisalo Digital ने ₹50 करोड़ तक जुटाने के लिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की मंजूरी दे दी है। कंपनी की ऑपरेशंस और फाइनेंस कमेटी ने 15 मई 2025 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह इश्यू Electronic Book Provider (EBP) प्लेटफॉर्म पर प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए किया जाएगा। प्रस्तावित इश्यू में ₹1 लाख फेस वैल्यू के 5,000 डिबेंचर्स शामिल होंगे। बेस साइज ₹25 करोड़ होगा, जबकि अतिरिक्त ₹25 करोड़ की ओवरसब्सक्रिप्शन को रिटेन करने का विकल्प होगा, जिससे कुल राशि ₹50 करोड़ तक पहुंचेगी।
10% ब्याज दर और 24 महीने की परिपक्वता अवधि
डिबेंचर्स पर सालाना 10% कूपन रेट मिलेगा, और ब्याज का भुगतान मासिक रूप से किया जाएगा। 24 महीने की अवधि पूरी होने पर मूलधन की अदायगी फेस वैल्यू पर की जाएगी। ये डिबेंचर्स BSE पर लिस्ट किए जाएंगे।
इस इश्यू का संभावित आवंटन दिनांक 22 मई 2025 है, जो नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करेगा। यह इश्यू पहले दर्जे के pari-passu हाइपोथिकेटेड रिसीवेबल्स पर आधारित चार्ज के माध्यम से सुरक्षित रहेगा, जिसमें न्यूनतम 1.10 गुना की सिक्योरिटी कवर होगी।
यदि किसी कारण से ब्याज या मूलधन के भुगतान में देरी होती है, तो कंपनी 2% अतिरिक्त वार्षिक कूपन दर देगी। Paisalo ने स्पष्ट किया है कि इन डिबेंचर्स से जुड़ी कोई विशेष विशेषाधिकार प्राप्त शर्तें नहीं हैं।
Paisalo Digital में बड़े संस्थागत निवेशक भी हिस्सेदार हैं। LIC के पास 77.6 लाख शेयर हैं, जो 1.17% हिस्सेदारी को दर्शाते हैं (कन्वर्जन के बाद घटकर 1.03%)। वहीं, SBI Life Insurance के पास 6.21 करोड़ शेयर हैं, जो 9.36% की हिस्सेदारी रखते हैं (कन्वर्जन के बाद 8.26%)।
शेयर में हालिया रिकवरी
पिछले एक साल में Paisalo Digital के शेयरों में 47% की गिरावट आई है। दिसंबर से अप्रैल तक शेयर लगातार गिरता रहा, लेकिन मई में अब तक इसमें 6% की तेजी देखी गई है। हालांकि, शेयर अभी भी अपने 52-सप्ताह के उच्चतम ₹81.95 से 57% नीचे है, लेकिन अप्रैल 2025 के 52-सप्ताह के निचले स्तर ₹29.75 से 17% रिकवरी कर चुका है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
